आजमगढ़ में फर्जी पुलिसकर्मी बनकर लोगों से ठगी करने वाले गिरफ्तार

आजमगढ़/उत्तर प्रदेश। यूपी के आजमगढ़ में साइबर अपराधियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस हर संभव प्रयास कर रही है। लेकिन फिर भी लोगों से ठगी करने का साइबर अपराधी कोई न कोई तरीका ढूंढ ही लेते हैं। ऐसे ही एक गिरोह का खुलासा आजमगढ़ पुलिस ने किया है, जो लोगों को फर्जी पुलिस वाले बनकर ठगने का काम करते हैं। गिरफ्तार आरोपी लोगों को ये धमकी देते थे, कि उनके बेटे या बेटी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और QR कोड पर पैसे लेकर वे मामले को रफा दफा कर देंगे। पैसा ना मिलने की स्थिति में वे उन्हें जेल भेज देंगे। पुलिस विभाग के आधिकारिक ऐप यूपीकॉप के जरिए लोगों को ठगने वाला यह अंतर्राज्यीय गिरोह जैसे ही आजमगढ़ पुलिस के हत्थे लगा, पुलिस ने गैंग को रेलवे स्टेशन से धर दबोचा।
जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार दोनों आरोपी अंकित यादव उम्र 24 और दीनदयाल यादव उम्र 45 मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले के मूल निवासी हैं। ये पुलिस विभाग के आधिकारिक ऐप और वेबसाइट के द्वारा लोगों पर दर्ज FIR को डाउनलोड करके उससे पीड़ित का पूरा विवरण निकाल लेते थे। इसके बाद पीड़ित को केस रफा दफा करने का झांसा देकर लुटते थे। ऐसे ही एक मामले में आरोपियों की एक मुलाकात मेहनगर की सविता नामक महिला से हो गई। सविता की लड़की गुम हो गई थी उसके गुमशुदगी की रिपोर्ट सविता ने दर्ज कराई थी। उसी के आधार पर आरोपियों ने सविता से 22000 रुपये की ठगी की। पुलिस के अनुसार, अंकित यादव के मोबाइल से पुलिस की जांच में अलीगढ़, गोंडा, गाजीपुर, अमरोहा, गोरखपुर, औरैया, अमेठी, हमीरपुर सहित कई जिलों की 12 FIR की कॉपियों और NCRP पोर्टल पर तमिलनाडु, तेलंगाना, दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में दर्ज शिकायतें भी मिलीं।
आजमगढ़ पुलिस की यह कार्रवाई साइबर अपराधियों पर एक बड़ा प्रहार मानी जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ अनिल कुमार ने कहा कि अगर कोई भी अनजान व्यक्ति आपसे साइबर ठगी का प्रयास करता है तो इसकी सूचना 1930 पर अवश्य ही दर्ज कराएं। इसके साथ ही साथ साइबर पुलिस को भी अवगत कराएं। गिरोह की गिरफ्तारी से पुलिस ने यह स्पष्ट कर दिया कि अब साइबर अपराधी डरेंगे ना कि आमजनता।

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