वृंदावन में साध्वी की हत्या का 11 महीने बाद खुलासा, यमुना पार ले जाकर जला दिया था शव

मथुरा/उत्तर प्रदेश। मथुरा-वृंदावन के गोशाला नगर में महज 50 गज जमीन के लालच में 70 वर्षीय साध्वी चंद्र मुखी देवी उर्फ चित्रा दासी की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। सबूत नष्ट करने के लिए शव को जला दिया गया। मथुरा पुलिस ने 11 महीने बाद इस जघन्य वारदात का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी अभिषेक सहित 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
बिहार की रहने वाली साध्वी चित्रा दासी पिछले 35 सालों से वृंदावन में रह रही थीं और अकेली भजन-परिक्रमा करती थीं। वह 21 दिसंबर 2024 को अचानक गायब हो गईं। साध्वी के गुरु भाई संत लाड़ली दास ने उनकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस की शुरुआती जांच में कोई सफलता नहीं मिली। संतों के दबाव के बाद एसएसपी ने जांच सीओ सिटी आशना चौधरी को सौंपी, जिन्होंने मात्र 20 दिन में मामले का खुलासा कर दिया।
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी अभिषेक शर्मा पर जिम के सामान के कारण कर्जा था। आरोपी ने अपने दोस्त विकास मिश्रा के साथ मिलकर साध्वी की हत्या कर उनका मकान बेचकर कर्जा चुकाने की योजना बनाई। दिसंबर 2024 में अभिषेक और उसके साथियों ने साध्वी की गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को केसी घाट पर जला दिया। इसके बाद आरोपियों ने साध्वी के घर से संपत्ति के मूल कागजात, आधार कार्ड और पैन कार्ड चुरा लिए।
आरोपियों ने फर्जीवाड़ा करते हुए अभिषेक के दोस्त विकास की मदद से साध्वी का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से बनवाया। प्रमाण पत्र में साध्वी को शाहजहांपुर का निवासी बताया गया। मृत्यु प्रमाण पत्र निकालने के बाद आरोपियों ने 2 मई 2025 को साध्वी का मकान बेच दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी अभिषेक शर्मा, विजय सिंह, वकील मौहम्मद, मौहम्मद आरिफ, ओमकार सिंह और विकास मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है।





