कीचड़ भरे रास्ते पर ‘अंतिम सफर’, शव लेकर निकले लोग तो बार-बार दलदल में फंसे
'Last journey' on a muddy road, people carrying the dead body got stuck in the swamp again and again

अशोकनगर/मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश सरकार गांव- गांव तक पक्की सड़क पहुंचाने का दावा करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। प्रदेश के कई गांव अभी भी खराब सड़क से जूझ रहे हैं। बारिश में सड़कों का बुरा हाल है। अशोकनगर में तो शमशान घाट पर जाने वाली सड़क एकदम कीचड़ हो गई है। जिले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। जहां एक व्यक्ति के शव को लोग कीचड़ भरे रास्ते पर लेकर जाते हुए दिखाई दे रहे हैं।
दरअसल, पूरा मामला मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के मुंगावली विधानसभा के ग्राम गीला रोपा का है। बुधवार शाम को रामचरण कटारिया (55) की बीमारी के चलते मौत हो गई। मृतक के शव को दाह संस्कार के लिए घर से डेढ़ किलोमीटर दूर मुक्तिधाम पर ले जाना था। किंतु मुक्तिधाम तक जाने वाला रास्ता बारिश की वजह से कीचड़ और दलदल हो गया है। जिसके कारण शव को ले जाने के लिए रिश्तेदार और परिजनों ने अपने जूते चप्पल उतार दिया और फिर शव को लेकर चल दिए। शव यात्रा के दौरान लोग कीचड़ में फिसलन के कारण गिरने से भी बाल-बाल बचे। मृतक के पुत्र राजेश कटारिया ने बताया कि शाम को पिता का देहांत होने के बाद मुक्तिधाम तक जाने के लिए शव यात्रा रवाना हुई, लेकिन रास्ते में घुटनों तक कीचड़ था।
रास्ते में कीचड़ अधिक होने की वजह से शव यात्रा में शामिल अधिकतर लोग रास्ता खराब होने के कारण बीच से ही लौट गए। बाकी मृतक के खास रिश्तेदार और परिजन ही मुक्तिधाम तक पहुंचे। जहां उन्हें पहुंचने में घंटों का वक्त लग गया।
इस मामले को लेकर जब पंचायत सचिव से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि रास्ता खेतों के बीच से है। ग्राम पंचायत ने वहां ग्रेवल सड़क बनवाई थी। दो वर्ष पहले मुक्तिधाम के पास में ही जल जीवन मिशन के तहत पानी की टंकी बनना शुरू हुई थी। इस निर्माण कार्य को करने वाली कंपनी ने पूरा रास्ता उखाड़ दिया। ग्राम पंचायत ने कई बार कंपनी के कर्मचारियों और पीएचई के अधिकारियों से रास्ता दुरुस्त करने का निवेदन किया, लेकिन उन्होंने सड़क सही नहीं कराई। इस कारण यह शर्मनाक स्थिति बनी है।




