जश्न से गम में बदल गई दिल्ली पुलिस के एसीपी की फेयरवेल पार्टी, रिटायरमेंट से एक दिन पहले कर दिया सस्पेंड

राजीव कुमार गौड़/दिल्ली ब्यूरो। सहकर्मियों से लाखों रुपये उधार लेकर नहीं लौटाना दिल्ली पुलिस के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) रोहताश कुमार को बहुत महंगा पड़ गया। बीते 31 अक्टूबर को एसीपी की सेवानिवृत्ति थी। सेवानिवृत्ति से एक दिन पहले विजिलेंस की रिपोर्ट के आधार पर गृह विभाग ने एसीपी को निलंबित करने की संस्तुति कर दी। उन्हें सेवानिवृत्ति से एक दिन पहले 30 अक्टूबर को नौकरी से निलंबित कर दिया गया। दिल्ली पुलिस में यह कोई पहला मामला नहीं है जब किसी अधिकारी को सेवानिवृत्ति से एक दिन पहले निलंबित कर दिया गया हो। पहले भी इस तरह की कार्रवाई की जा चुकी है।
एसीपी रोहताश कुमार की तैनाती पूर्वी जिला के मयूर विहार सब डिवीजन में थी। खास बात यह है कि पुलिस विभाग से एसीपी को निलंबन की जानकारी अंतिम दिन 31 अक्टूबर को उस समय दी गई, जब मयूर विहार के एक माॅल में उनकी सेवानिवृत्ति के अवसर पर पार्टी का आयोजन रखा गया था। पार्टी में एसीपी के स्वजन, रिश्तेदार व दोस्तों के अलावा बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। पार्टी शुरू ही हुई थी कि एसीपी को पुलिस विभाग से निलंबन की सूचना मिलने पर जश्न का माहौल तुरंत गम में बदल गया। पुलिस अधिकारी के मुताबिक रोहताश कुमार कई थाने में एसएचओ पद पर रह चुके हैं। जब उनकी तैनाती उत्तर-पूर्वी जिले में रिजर्व इंस्पेक्टर के पद पर थी। तब उन्होंने विभाग के सात-आठ सहकर्मियों से लाखों रुपये उधार लिए थे।
किसी से दो लाख तो किसी से तीन, चार व उससे अधिक लिए थे, लेकिन किसी भी वह पैसे नहीं लौटा रहे थे। इनसे तंग आकर कुछ पुलिसकर्मियों ने दो साल पहले पूर्वी रेंज में तैनात तत्कालीन एडिशनल पुलिस कमिश्नर सागर सिंह कलसी से शिकायत कर दी थी। उन्होंने रोहताश सिंह को अपने कार्यालय बुलाकर सभी के पैसे लौटा देने को कहा था। तब भी पैसे नहीं लौटाने पर उन्होंने पुलिसकर्मियों से शिकायत लेकर उसे जांच के लिए मुख्यालय भेज दिया था। मुख्यालय से पूर्व पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा ने शिकायत को जांच के लिए विजिलेंस के पास भेज दिया था। तब से विजिलेंस में एसीपी के खिलाफ जांच चल रही थी। जांच पूरी होने पर विजिलेंस से रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय को भेज दिया गया। मुख्यालय ने उस रिपोर्ट को गृह विभाग को भेज दिया गया। जिसके बाद एसीपी की सेवानिवृत्ति से पहले उन्हें निलंबित कर दिया गया।

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