सेना में नौकरी के नाम गजब का फर्जीवाड़ा, यूपी की एनसीसी छात्रा ने फर्जीवाड़े का शिकार होकर लाखों रुपये गंवाए

महराजगंज/उत्तर प्रदेश। नौकरी और वो भी देश की सेना में नौकरी के नाम गजब का फर्जीवाड़ा सामने आया है। उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के छोटे से गांव की निवासी एनसीसी की छात्रा फर्जीवाड़े का शिकार होकर लाखों रुपये गंवा बैठी। और नौकरी का फर्जीवाड़ा भी ऐसा कि ट्रेनिंग और मेडिकल कैंप से लेकर आर्मी के ‘सीओ साहब’ तक से मिलवाया गया। यूपी से राजस्थान तक फर्जीवाड़े की लंबी कहानी का एहसास तब भी नहीं हुआ जब सेना की वर्दी पहने लड़की का गांव में फूल-माला लादकर स्वागत किया गया। अब पुलिस में मुकदमा लिखवा दिया गया है।
महराजगंज के निचलौल थाना क्षेत्र में डोमा कांटी गांव निवासी नगमा 12वीं की छात्रा एनसीसी कैडेट भी है। पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत में उसने बताया कि एनसीसी कैंप में मठलार सलेमपुर फायरिंग ट्रेनिंग के दौरान उसकी मुलाकात धीरज नामक शख्स से हुई। धीरज ने खुद को आर्मी से जुड़ा हुआ बताकर ऊपर तक कनेक्शन होने की बात कही। धीरज ने झांसा दिया कि वह सेना में भर्ती करवा सकता है।
प्लानिंग के तहत धीरज ने 24 सितंबर को नगमा को गोरखपुर बुलाया। वहां उसे लेकर एक फील्ड में गया, जहां सेना की वर्दी पहनाई गई। पहले से कुछ लड़के और लड़कियां मौजूद थे। सभी को दौड़ लगवाकर मार्च परेड और एक्सरसाइज करवाई गई। गोरखपुर में ही मेडिकल कॉलेज के पास ब्लड टेस्ट भी करवाया गया। इसके बाद भर्ती के लिए 2 लाख 70 हजार रुपये की डिमांड रखी गई।
इसके बाद नगमा और अन्य कैडेट्स को राजस्थान में पुष्कर ले जाया गया और वहां पर सभी को सीओ साहब बताकर अंगद मिश्रा नामक शख्स से मिलवाया गया। रुपये लेने के बाद सभी को कुछ महीने में जॉइनिंग लेटर दिए जाने की बात बताई गई। सेना की वर्दी लेकर नगमा अपने गांव लौट आई। इसके बाद परिजन ने देशभक्ति गाने और फूल-माला के साथ जबर्दस्त स्वागत किया। लेकिन सच्चाई सामने आने पर होश उड़ गए। फिलहाल निचलौल थाने में जालसाजी और धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया गया है।




