वाराणसी कचहरी में पुलिस को वकीलों ने पीटा, लहूलुहान एसआई, सिपाही अस्पताल में भर्ती
दो दिन पहले वकील को रथयात्रा चौराहे पर पीटा था

वाराणसी/उत्तर प्रदेश। बीते दिनों की दो घटनाओं ने पुलिस और वकील को आमने-सामने खड़ा कर दिया। दोनों घटनाओं की परिणीति ये हुई कि मंगलवार को एक मामले की पेशी में आए बड़ागांव के एसआई को वकीलों ने जमकर पीट दिया। हमला इतना घातक था कि घायल एसआई और सिपाही को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। दोपहर में हुई इस घटना का खासा असर जिला प्रशासन पर हुआ और जबरदस्त पुलिस बल के साथ कचहरी परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया। कचहरी परिसर में जिला अधिकारी और पुलिस के आला अधिकारियों ने बार काउंसिल के पदाधिकारियों संग बैठक कर डैमेज कंट्रोल में किया, लेकिन इस घटना ने सपा और कांग्रेस को हमला बोलने का एक और मौका दे दिया।
दो दिन पहले वरिष्ठ वकील शिव प्रताप सिंह अपनी पत्नी के साथ भेलूपुर थाने के रथयात्रा चौराहे के पास जा रहे थे। इसी चौराहे के पास ट्रैफिक का डायवर्जन किया गया था। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने वकील शिव प्रताप सिंह को नो एंट्री का हवाला देकर रोक दिया। इसी बीच वकील शिव प्रताप सिंह और पुलिसकर्मियों में बहस हुई, जो मारपीट में तब्दील हो गई। वकील शिव प्रताप सिंह को भेलूपुर थाने के एक एसआई ने इतना मारा था कि खून से लथपथ वकील शिव प्रताप को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराना पड़ा था। इस मामले में वकीलों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन के बाद पुलिस कमिश्नर कार्यालय से ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को संतुलित व्यवहार और गाड़ियों के चेकिंग के लिए दिशा-निर्देश जारी करने पड़े थे।
जिस दिन वकील शिव प्रताप सिंह के साथ घटना हुई थी, उसी के अगले दिन बड़ागांव थाने में भी एक घटना हुई थी। जानकारी के अनुसार, एक जमीन के मामले में पैरवी करने गए वकील मोहित को बड़ागांव थाने में रखा गया। जानकारी के अनुसार वकील के साथ थाने के भीतर पुलिसकर्मियों ने मारपीट की। जिसके बाद वकील मोहित को अगले दिन अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।
बड़ागांव थाने में हुई इस घटना की भी चर्चा आज कचहरी परिसर में जोरों पर थी। इसी बीच बड़ागांव थाने से एक मामले में एसआई मिथिलेश प्रजापति और उनके एक सहयोगी कचहरी पहुंचे थे। इसी बीच कचहरी परिसर में ही वकीलों के एक ग्रुप ने इन पुलिसकर्मियों पर हमला बोल दिया। अदालत में कानूनी लड़ाई लड़ने वाले वकीलों ने एसआई मिथिलेश प्रजापति को इतना मारा की, वो अचेत हो गए। आनन-फानन में मिथिलेश को अस्पताल ले जाया गया, जहां स्थिति गम्भीर होने पर मिथिलेश को ट्रॉमा सेंटर भेज दिया गया।
जिला अधिकारी बोले कठोरतम कार्रवाई होगी
एसआई के साथ मारपीट की घटना ने पूरे जिला प्रशासन में हड़कंप मचा दिया। तत्काल ही जिला अधिकारी, डीआईजी शिव प्रकाश मीणा भारी पुलिस बल के साथ कचहरी परिसर पहुंचे। बनारस बार और सेंट्रल बार के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के बाद जिला अधिकारी सतेंद्र कुमार ने बताया कि इस मामले की गम्भीरता को देखते हुए जल्द से जल्द आरोपियों को चिह्नित कर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। वहीं, बनारस बार एसोसिएसन और सेंट्रल बार एसोसिएशन ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए पुलिस कार्रवाई में सहयोग का आश्वासन दिया।
पुलिस कमिश्नर पहुंचे घायल एसआई से मिलने
इस घटना ने बनारस से लेकर लखनऊ तक हड़कम्प मचा दिया। तत्काल ही पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल घायल एसआई और सिपाही से मिलने पहुंचे। अपने एसआई से मिलने के बाद कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कहा कि कुछ असामाजिक वकीलों ने इस घटना को अंजाम दिया है। चिह्नित कर उन पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अखिलेश यादव, अजय राय ने योगी सरकार पर बोला हमला
इस घटना के बाद विपक्ष के सपा मुखिया अखिलेश यादव और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को मौका दे दिया। अखिलेश यादव ने घटना का ज़िक्र करते हुए एक्स हैंडल पर तीखा तंज कसते हुए लिखा कि जो एक-दूसरे पूरक होते थे, वो भाजपा की भ्रष्ट नीति के कारण परस्पर विरोधी हो गए हैं। वाराणसी में पुलिस बनाम वकीलों की हिंसक झड़प की गहराई से जांच हो और सच्चाई सामने लाई जाए। दोनों पक्ष के घायलों का यथोचित उपचार सुनिश्चित किया जाए।




