86 साल का सफर खत्म,मुंबई की सड़कों पर अब नहीं चलेगी सुनहरी यादों वाली डबल डेकर बसें

मुंबई/एजेंसी। 90 के दशक में किसी भी हिंदी फिल्म में जब मुंबई का ओपनिंग सीन दिखाया जाता था, तब सीएसएमटी के सामने से गुजरती हुई बेस्ट की डबल डेकर बस जरूर आती थी। डीजल से चलने वाली बेस्ट की डबल डेकर बसें मुंबई की पहचान हुआ करती थीं, आज से सड़कों पर नहीं दिखेंगी। गुरुवार को आगरकर चौक से सीप्ज स्टेशन तक चलने वाली रूट क्रमांक 415 की बस अंतिम डीजल डबल डेकर बस थी। इस बस में सवार होने वाले लोगों ने तस्वीर के रूप में अपनी यादों को मोबाइल कैमरों में कैद किया और एक लंबी सांस भर बस से उतर गए। आखिर 86 साल से इन डबल डेकर बसों ने मुंबईकरों के दिलों में घर बनाया हुआ था।
बेस्ट (Best) का पूरा नाम बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग है, आधिकारिक तौर बेस्ट की डबल डेकर बसों के संचालन का आज आखिरी दिन है। ये बसें लोगों की यादों से जुड़ी हुई हैं। लोगों की मांग हैं कि इन्हें ट्रांसपोर्ट म्यूजियम में रखा जाए। 1972 में बेस्ट के बेडे़ में शामिल रही डेलमर बस को 21 दिसंबर को बॉम्बे सेंट्रल से रवाना किया गया था। इस बस ने 19 साल में 950000 किलोमीटर की दूरी तय की थी। ओपन डबल डेकर बसें जो कि गेट वे ऑफ इंडिया और मरीन ड्राइव के किनारे छुटि्टयों की सवारी के लोकप्रिय हैं। उन्हें भी धीरे-धीरे पांच अक्टूबर तक हटाने की डेडलाइन है। इन जगहों पर इलेक्ट्रिक ओपन डेक डबल डेकर चलाए जाने की योजना है।
कभी हुआ करती थीं 900 बसें
90 के दशक में बेस्ट के पास करीब 900 डबल डेकर बसें हुआ करती थीं। एक जमाना था, जब बेस्ट की बसों में लोकल ट्रेनों से ज्यादा यात्री सवारी करते थे। इस साल की शुरुआत में बेस्ट के पास केवल 50 बसें बची थीं। बसों का लाइफ स्पैन खत्म होने के कारण इन्हें फेज आउट करना ही था। अब इनकी जगह नई एसी डबल डेकर बसें आ चुकी हैं। मुंबई की सड़कों डबल डेकर बसें दौड़ेंगी लेकिन वे सभी इलेक्ट्रिक डबल डेकर बसें होंगी। उनमें भी मुंबई की बसों की मैनुअल घंटी लगाई गई है।

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