सुप्रीम कोर्ट के आवारा कुत्तों पर फैसले का बढ़ा विरोध

पशुप्रेमी कनॉट प्लेस में उग्र प्रदर्शन पर उतरे, भारी पुलिसफोर्स तैनात

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के आवारा कुत्तों को पकड़कर आश्रय स्थल में रखने के निर्णय का विरोध बढ़ता जा रहा है। न्यायालय के फैसले के बाद आवारा कुत्तों पर मेनका गांधी के बाद उनकी बहन अंबिका शुक्ला का दर्द छलक पड़ा है। पशु अधिकार कार्यकर्ता अंबिका शुक्ला को अदालत का ये फैसला बिल्कुल भी पसंद नहीं आ रहा है। दरअसल, आवारा कुत्तों की सुरक्षा की कामना करते हुए कई पशुप्रेमी कनॉट प्लेस के हनुमान मंदिर परिसर में पहुंचे हैं। पुलिस उन्हें वहां से हटाने का प्रयास करती दिखी।
अंबिका शुक्ला ने कहा कि कुत्तों के काटने तथा उससे इंसानों के मरने के मामलों की जानकारी जो इंटरनेट मीडिया में घूम रही है वह भ्रामक है जबकि अकेले 10 लाख लोग सड़क दुर्घटना में जान गंवा देते हैं। दिल्ली में कोई आश्रय गृह नहीं है। ऐसे में इन बेजुबानों का क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विरुद्ध पशुप्रेमियों के बढ़ते विरोध-प्रदर्शनों को देखते हुए कनॉट प्लेस हनुमान मंदिर परिसर में भारी संख्या में दिल्ली पुलिस और अर्द्ध सैनिक बल के जवान तैनात किए गए हैं। इस विषय पर विदेशी मीडिया का भी रूझान दिख रहा है। प्रदर्शनस्थल पर विदेशी मीडिया बहुतायत में पहुंची दिखी।
प्रश्न यह भी है कि आखिर पशुप्रेमी कनॉट प्लेस के हनुमान मंदिर परिसर में क्या करने पहुंचे हैं? इसका जवाब देते हुए एक पशुप्रेमी ने कहा कि हम इन जानवरों के लिए मंदिर में पूजा करने आए हैं। इसलिए चार-चार की संख्या में जाएंगे। वे खुद को मीडिया के सामने जानवर सेवक बता रहे हैं।
उधर, प्रदर्शनकारियों की बढ़ती भीड़ देखकर पुलिस ने घोषणा करते हुए कहा कि यहां 163 बीएनएस लगी है, इसलिए प्रोटेस्ट नहीं कर सकते, अन्यथा हिरासत में लेने की चेतावनी दी जा रही है। पुलिस ने सबको जल्द से जल्द वह परिसर छोड़ने को कहा है।
वहीं, एक पशुप्रेमी अंबिका शुक्ला ने कहा कि यहां दो-चार लोग पहुंच गए हैं। पहली बार दिल्लीवालों को डर लग रहा है कुत्तों से। इसीलिए यहां कुछ प्रदर्शनकारियों के लिए एक हजार से अधिक सुरक्षाकर्मी खड़े कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कुत्तों को जेल में डालने का निर्णय सही नहीं है। यह इको सिस्टम पर हमला है। सवाल यह है कि बंदर, कुत्ते, चूहे, कबूतर और कौवे का क्या होगा?

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