रिटायरमेंट की उम्र में 32 देशों के सफर पर निकला दिल्ली का कपल
Delhi couple set out on a journey to 32 countries at the age of retirement

नई दिल्ली। ‘उम्र को भूलकर अपने सपने पूरा करो,’ कुछ इसी संदेश के साथ अपने पुराने सपनों को साकार करने 70 साल के कुलभूषण शर्मा 32 से अधिक देशों के रोड ट्रिप पर निकल चुके हैं। ‘जिंदगी न मिलेगी दोबारा’ फिल्म की तरह उनके इस सफर में उनकी पत्नी वंदना शर्मा उनके साथ हैं।
सफर पर निकलने से पहले केबी शर्मा ने बताया कि वह अब तक देश के कई हिस्सों का रोड ट्रिप कर चुके हैं। गाड़ी से रोड ट्रिप पूरा करना उनका पैशन रहा है। यह उनका पहला इंटरनैशनल रोड ट्रिप है और वह बीते एक से डेढ़ साल से इसकी योजना बना रहे थे। उन्होंने बताया कि उनके दोस्त हैं अमरजीत सिंह चावला। उन्होंने कई इंटरनेशनल ट्रिप किए हैं। उन्हीं की प्रेरणा से इस ट्रिप पर निकलने का उनका मन हुआ।
रोड ट्रिप की तैयारी में सबसे बड़ी बाधा के बारे में उन्होंने बताया कि वह पत्नी के साथ यह ट्रिप करना चाहते थे, लेकिन पहली बार में पत्नी ने मना कर दिया। उनके बच्चों ने भी मना कर दिया। काफी कोशिशों के बाद उन्हें मनाया। इसके बाद तैयारियां हुईं। सारे वीजा लिए, सारे हाई कमिशन में मेल किया। गाड़ी तैयार की।
द्वारका सेक्टर-4 के युनाइटेड अपार्टमेंट में रहने वाले केबी शर्मा ने बताया कि वह द्वारका से अयोध्या का सफर करेंगे। वहां रामलला, हनुमान जी के दर्शन करेंगे। इसके बाद वह नेपाल बॉर्डर के बाद चीन में प्रवेश करेंगे। वहां से उनकी यात्रा चीन, कजाकिस्तान, उजबेकिस्तान, रूस, एस्टोनिया, लातविया, लिथुआनिया, फिनलैंड, स्वीडन, नॉर्वे, डेनमार्क, जर्मनी, नीदरलैंड, बेल्जियम, लक्समबर्ग, पोलैंड, हंगरी, ऑस्ट्रिया, स्विट्जरलैंड, इटली, फ्रांस, यूनाइटेड किंगडम और कनाडा आदि देशों से होते हुए पूरी होगी।
उन्होंने बताया कि वह निश्चित तौर पर यह नहीं कह सकते कि यह यात्रा कैसे आगे बढ़ेगी, लेकिन उनके प्लान के अनुसार 30 हजार से अधिक किलोमीटर की यह यात्रा 120 से अधिक दिनों में पूरी होगी। उनकी पत्नी वंदना ने बताया कि दोनों वेजिटेरियन हैं और उन्हें खाने-पीने की टेंशन है। इसलिए उनकी गाड़ी में ज्यादातर जगह खाने की चीजों से भरी हुई है। वह चावल के कई थैले, आटा, दालें आदि लेकर जा रहे हैं। केबी शर्मा ने बताया कि गाड़ी में उन्होंने कैंपिंग का पूरा सामान रखा है, ताकि यदि रहने की जगह में कोई मुश्किल आए तो वह कैंप लगाकर उसमें रुक सकें।
उनकी गाड़ी खासतौर पर तैयार की गई है। गाड़ी में दोनों ने अपने ब्लड ग्रुप मेंशन किए हैं, ताकि जरूरत के समय उन्हें मदद मिल सके। इसमें उन्होंने अपने रोड ट्रिप की डिटेल लिखी है। देशों के झंडे गाड़ी पर लगाए हैं। साथ ही अपनी पंच लाइन ‘उम्र को भूलकर अपने सपनों को पूरा करो’ भी लिखी है। उन्होंने बताया कि उनकी यात्रा उन्हें तिब्बत के ल्हासा शहर और माउंट एवरेस्ट के बेस कैंप जैसे ऊंचाई वाले स्थानों पर भी ले जाएगी। इनमें से एक जगह 5800 मीटर ऊंची है।




