गोरखपुर का कुख्यात पशु तस्कर जवाहर यादव पुलिस मुठभेड़ में घायल, दर्ज हैं 25 से अधिक मुकदमे

गोरखपुर/उत्तर प्रदेश। कुसम्ही जंगल के पास रविवार की भोर में पुलिस और पशु तस्करों के बीच हुई मुठभेड़ में कुख्यात तस्कर जवाहर यादव गोली लगने से घायल हो गया। घायल तस्कर को पुलिस ने मौके से गिरफ्तार कर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया है। कुशीनगर जिले के जटहा बाजार स्थित नोनिया पट्टी गांव का रहने वाले तस्कर पर पशु तस्करी, हत्या की कोशिश, बलवा और अवैध कारोबार के 25 से अधिक संगीन मुकदमे गोरखपुर, कुशीनगर और आसपास के जिलों में दर्ज हैं। मिली जानकारी के अनुसार, रविवार तड़के एम्स थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम को सूचना मिली कि पशु तस्करों का गिरोह कुसम्ही जंगल के रास्ते पशुओं को तस्करी के लिए ले जा रहा है। सूचना पर पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की और जंगल के पास संदिग्ध पिकअप को रोकने की कोशिश की। पुलिस को देखकर तस्करों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली जवाहर यादव के दाएं पैर में लगी, जिसके बाद वह वहीं गिर पड़ा।
उसका एक साथी मौका पाकर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने मौके से एक पिकअप बरामद की, जिसमें पशु तस्करी से जुड़े साक्ष्य मिले हैं। घायल आरोपित के कब्जे से एक तमंचा, दो कारतूस और एक खोखा मिला। एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि जवाहर यादव एक सक्रिय गिरोह का सरगना है, जिसके कई सदस्य पहले ही जेल जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस गिरोह के नेटवर्क और आर्थिक स्त्रोत की जांच कर रही है। फरार साथियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
प्रारंभिक पूछताछ में जवाहर यादव ने पुलिस को अपने तीन साथियों के नाम बताए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए एसओजी और स्थानीय थाने की टीमें अलग-अलग स्थानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि गिरोह सीमावर्ती इलाकों से मवेशियों की तस्करी कर बिहार और पश्चिम बंगाल तक आपूर्ति करता था। इस गिरोह पर कई बार कार्रवाई की जा चुकी है, लेकिन हर बार नए नेटवर्क के साथ यह फिर सक्रिय हो जाता था। इस बार पुलिस का प्रयास है कि जवाहर यादव के आर्थिक लेनदेन और सम्पर्क सूत्रों की वित्तीय जांच कर गिरोह को जड़ से खत्म किया जाए।

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