ललितपुर के बाद अब मिर्जापुर में 54 ट्रेनी वन दरोगाओं पर मधुमक्खियों का हमला, 4 की हालत गंभीर
After Lalitpur, now 54 trainee forest guards were attacked by bees in Mirzapur, 4 in critical condition

मिर्जापुर/उत्तर प्रदेश। ललितपुर के बाद अब मिर्जापुर में मधुमक्खियों के जानलेवा हमले का मामला सामने आया है। यहां ट्रेनिंग पर आए वन दरोगाओं की टीम पर मधुमक्खियों के झुंड ने जानलेवा हमला कर दिया, जिसमें करीब 20 घायल हो गए हैं। घायलों का इलाज नजदीकी हेल्थ सेंटर में चल रहा है। वहीं 4 की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल भेज दिया गया है।
मिर्जापुर में यह मामला मड़िहान थाना क्षेत्र में जंगलों का है। कानपुर से यहां पर विजिट के लिए आए ट्रेनी वन दरोगा की टीम जंगल इलाके में गई हुई थी, तभी अचानक मधुमक्खियों ने घेर लिया। राजापुरा झरी नगरी पौधशाला के पास हुई इस घटना में मधुमक्खियों ने काटना शुरू किया तो वन दरोगा इधर-उधर भागने लगे। किसी तरह से सभी जान बचाकर जंगल से बाहर की तरफ भागे।
उन्हें रेस्क्यू किए जाने के बाद फौरन मड़िहान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने गंभीर हालत को देखते हुए 4 घायलों को इलाज के लिए मंडलीय अस्पताल रेफर किया। अन्य 16 का इलाज स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है। इस घटना की जानकारी मिलते ही प्रभागीय वनाधिकारी अरविंद राज मिश्रा भी मौके पर पहुंचे और सभी घायलों का अस्पताल में हाल जाना।
घायलों में दरोगा सुजीत सिंह, सुशील कुमार, राम सिंह यादव, नवदीप, विवेका, राजेंद्र, आशीष, विवेक कुमार, नवदीप सिंह, संदीप सिंह, अभिषेक कुमार, अमित कुमार, राजेंद्र कुमार और अमित कुमार है।
हाल ही में मधुमक्खियों का हमला ललितपुर में सामने आया, जहां सीनियर अफसर की जान पर बन आई। ललितपुर में पर्यटन की संभावनाएं तलाशने पहुंचे नोडल अधिकारी एवं विशेष सचिव सुनील कुमार वर्मा समेत अन्य अफसरों पर मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। अफसर जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे और कुछ तो वही पर लेट गए। कुछ किसी तरह से गाड़ियों में दुबक कर अपनी जान बचाई।
नोडल अधिकारी रेशम, मुख्य विकास अधिकारी और एडीएम नमामि गंगे ज्यादा दौड़ नहीं पाए, जिसके चलते उन लोगों पर मधुमक्खियां टूट पड़ीं। अर्दली और गनर उनको बचाने का प्रयास करते रहे, लेकिन वो सफल नहीं हो पाए। इसकी जानकारी जैसे ही देवगढ़ मैनेजिंग दिगंबर जैन कमेटी को हुई तो वह तुरंत ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंच गई। उन्होंने कंबल ओढ़ाकर अफसरों को बचाया। इसके बाद सभी को अस्पताल में भर्ती कराया।




