दिल्ली में लू से बचने के लिए ट्रैफिक पुलिस को मिलेंगे कॉलर फैन और एसी हेलमेट
To avoid heat wave in Delhi, traffic police will get collar fans and AC helmets

- ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को लू से बचाने के लिए नई योजना लागू होगी
- कूलिंग हेलमेट और कॉलर फैन जैसे उपकरणों की व्यवस्था की जाएगी
- बारिश से सुरक्षा के लिए ट्रैफिक चौराहों पर टिन शेड लगाने का निर्देश
दिल्ली ब्यूरो। दिल्ली में बढ़ते तापमान के बीच भी ट्रैफिक पुलिस वाले बेहतर ट्रैफिक सेवा देने के लिए लगातार दिल्ली की सड़कों पर ड्यूटी देते रहते हैं। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस जल्द ही अपने ट्रैफिक कर्मियों को लू से बचाने के लिए कॉलर फैन और एसी हेलमेट देने जा रही है। बकायदा इसके लिए योजना तैयार कर ली गई और जल्द ही यह योजना लागू हो सकती है। कॉलर फैन और एसी हेलमेट के अलावा कई तरीके तैयार किए जा रहे हैं ताकि खराब मौसम के दौरान कर्मियों को होने वाली असुविधा को कम किया जा सके।गर्मियों के साथ ही बारिश के मौसम की भी तैयारी हो रही है। बारिश के दौरान ट्रैफिक सिग्नल पर बिजली के झटके और बारिश में खड़े होने में कठिनाई का मुद्दा भी ट्रैफिक पुलिस के सामने आया था। उसके बाद ट्रैफिक स्टाफ को राहत दिलाने के लिए ट्रैफिक चौराहों पर टिन शेड लगाने का निर्देश दिया है ताकि बारिश से बचाव हो सके और इस तरह के खतरों को कम किया जा सके। ट्रैफिक पुलिस ने दिल्ली की तपती गर्मी से निपटने में ट्रैफिक पुलिस की मदद करने के लिए सक्रिय योजना बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। चाहे कॉलर फैन हो या कूलिंग हेलमेट, सभी यूनिट को समय पर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित जरुरतों के बारे में पहले ही अवगत कराने का निर्देश दिया गया है।
डीसीपी (ट्रैफिक) नई दिल्ली राजीव कुमार ने बताया कि यह पहल ‘संपर्क सभा’ में ट्रैफिक पुलिस कर्मियों द्वारा अपनी समस्या बताने के बाद की गई है। समस्या सामने आने के बाद उन्होंने ट्रैफिक कर्मियों को राहत देने के लिए पुलिस हेडक्वार्टर में यह समस्याएं भेजी थी। उसके बाद इस योजना पर काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कूलिंग हेलमेट देने के फैसले को अंतिम रूप देने से पहले वैज्ञानिक मूल्यांकन पर विचार किया गया था। यह देखते हुए कि शरीर का ज्यादातर हिस्सा वर्दी में ढंका रहता है और सिर खुला रहता है, इसलिए यहां लू लगने के लिए ज्यादा सेंसिटिव होता है। कूलिंग हेलमेट का उद्देश्य उस जोखिम को कम करना और काम करने की स्थिति में सुधार करना है।




