प्लान बनाकर उड़ाए 20 लाख के ईयरफोन, झांसे में लिया गार्ड,72 घंटे में खुल गई पूरी कहानी

नोएडा। जल्दी अमीर बनने के चक्कर में इलेक्ट्रानिक कंपनी के तीन कर्मचारियों ने सुरक्षा गार्ड संग मिलकर कंपनी गोदाम से करीब 20 लाख रुपये की कीमत के ईयरफोन चुराकर वारदात को अंजाम दिया। अरोपियों ने दिल्ली के दो दुकानदारों को ईयरफोन बेच दिए। पुलिस ने मामले का पर्दाफाश कर चारों आरोपियों और दोनों दुकानदारों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान दिनेश, अमरपाल, रजत कुमार, सुरेंद्र, रविश कुमार और प्रदीप के रूप में हुई है। इनमें दिनेश, अमरपाल और रजत कंपनी का मेंटेनेंस का काम देखते थे। जबकि सुरेंद्र सुरक्षा गार्ड है। जबकि रविश और प्रदीप दुकानदार हैं। घटना में संलिप्त होने की पुष्टि होने के बाद कंपनी प्रबंधन ने मेंटेनेंस कर्मचारी और सुरक्षा गार्ड को नौकरी से निकाल दिया है।
सात हजार से ज्यादा ईयरफोन की चोरी
तीन दिन पहले सेक्टर-63 स्थित ओप्पो मोबाइल के लिए ईयरफोन बनाने वाले जियोलियन कंपनी में काम करने वाले तीन कर्मचारियों ने सुरक्षा गार्ड के साथ मिलकर गोदाम से 7200 ईयरफोन चोरी कर लिए थे। कंपनी प्रतिनिधि की शिकायत पर सेक्टर-63 पुलिस ने केस दर्जकर महज 72 घंटे के भीतर वारदात में शामिल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल होने वाली कार और 6160 ईयरफोन बरामद कर लिए गए हैं।
कंपनी की एचआर ने पुलिस से की शिकायत
एडिशनल डीसीपी डॉ. राजीव दीक्षित ने बताया कि जियोलियन इलेक्ट्रॉनिक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की एचआर अधिकारी प्रियंका ने तहरीर देकर कंपनी के गोदाम से करीब 20 लाख रुपये का ईयरफोन चोरी की शिकायत की थी। वेंडर कंपनी ओप्पो के लिए ईयरफोन बनाती है। थाना प्रभारी अमित कुमार मान की टीम ने जांच में पाया कि कंपनी में मेंटेनेंस का काम देखने वाले छिजारसी कॉलोनी निवासी दिनेश, अमरपाल और विजय नगर निवासी रजत कुमार ने सुरक्षा गार्ड सुरेंद्र के साथ मिलकर गोदाम से 308 पैकेट ईयरफोन चोरी कर लिया था।
वारदात से पहले सीसीटीवी कैमरे के साथ की छेड़छाड़
गहन पूछताछ के दौरान पता चला कि चारों में जल्द पैसे कमाने के फेर में वारदात करने की बात स्वीकार कर ली। उन्होंने ईयरफोन को दिल्ली के प्रदीप नागपाल और रविश कुमार को बेचने की जानकारी दी। जिसके बाद पुलिस ने मोबाइल एसेसरीज की दुकान चलाने वाले रविश और प्रदीप को गिरफ्तार कर ईयरफोन बरामद किए हैं। जांच में पता चला कि सबूत मिटाने के लिए दिनेश, अमरपाल और रजत ने सीसीटीवी कैमरे के साथ भी छेड़छाड़ की थी। एसीपी अमित प्रताप सिंह ने बताया कि चोरी के कुछ ईयरफोन को आरोपियों ने राहगीरों को 200 से 300 रुपये में मजबूरी बताकर बेच दिया। वैसे ईयरफोन की निर्माण लागत 150 और बाजार मूल्य 350 रुपये बताया जा रहा है। ईयरफोन किसने खरीदा, पुलिस उन लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

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