युद्ध ने बदला दिल्ली वालों का रुख, दुबई-यूरोप की जगह पर्यटकों की पहली पसंद बने थाइलैंड और वियतनाम

नेशनल डेस्क। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध ने भारतीय पर्यटकों के पसंदीदा पर्यटन स्थलों में बदलाव कर दिया है। अब उनकी सूची में दुबई, अमीरात, यूरोप, अमेरिका व ब्रिटेन की जगह श्रीलंका के साथ दक्षिण पूर्व एशिया के वियतनाम, बाली, मलेशिया, थाइलैंड व सिंगापुर जैसे देश पहली पसंद बन गए हैं। भारतीय पर्यटकों द्वारा वर्तमान और आगामी गर्मियों की छुट्टियों के लिए अपने देश के आसपास के देशों को प्राथमिकता दी जा रही है पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जहां बुकिंग में शत प्रतिशत की गिरावट आई है, साथ ही सभी बुकिंग निरस्त हुई है। वहीं, अमेरिका, यूरोप और ब्रिटेन जाने वाले पर्यटकों में 50 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है।
अंतिम समय में पश्चिम एशिया के देशों की यात्रा निरस्त होने और बाकी देशों के लिए हवाई उड़ानें प्रभावित होने से देश के भीतर भी पर्यटन को बढ़ावा मिला है। जानकारों के अनुसार, अब मौसम गर्मियों का है। इसलिए जम्मू-कश्मीर, हिमाचल व उत्तराखंड के साथ समुद्र तटीय देश केरल व गोवा भी पसंद किए जा रहे हैं। हमलों की आशंका और हवाई किराये में कई गुने तक की वृद्धि ने भारतीय पर्यटकों का मूड बदला है।
फेडरेशन आफ एसोसिएशन इंड इंडियन टूरिज्म एंड हास्पिटलिटी (एफएआईटीएच) के महासचिव राजीव मेहरा के अनुसार, युद्ध ने वैश्विक पर्यटन उद्योग को खासा प्रभावित किया है। पश्चिम एशिया में जहां हमलों के चलते हवाई उड़ान ठप है। अमेरिका, ब्रिटेन व यूरोप के लिए भी पश्चिम एशिया होते हुए उड़ाने बंद हो गई हैं। दुबई, अमीरात, यूरोप, अमेरिका व ब्रिटेन की जगह श्रीलंका, वियतनाम, बाली, मलेशिया, थाइलैंड व सिंगापुर जैसे देश भारतीय पर्यटकों की पहली पसंद बन गए हैं। ऐसे में सीधी उड़ान पर दबाव बढ़ा है, जो लंबा रूट लेकर जा रही हैं। उसका असर उड़ान के घंटे और हवाई किराये पर है।
60 से 70 प्रतिशत बुकिंग दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए
अमेरिका व यूरोप का हवाई किराया दोगुना हो चुका है। ऐसे में विभिन्न कारणों से दिल्ली के पर्यटक दक्षिण पूर्व एशिया के देश बड़ा ठिकाना बने हैं। औसतन 60 से 70 प्रतिशत बुकिंग यहां के देशों के लिए हो रही है। बाकी, व्यापार और अन्य जरूरी कारणों के लिए अन्य देशों के लिए बुकिंग हो रही है।

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