शहडोल के जंगल में संघर्ष, 3 दिन की तलाश के बाद मिला घायल बाघ, गन शॉट देकर रेस्क्यू
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शहडोल/मध्य प्रदेश। उत्तर वन मंडल शहडोल के जयसिंहनगर रेंज के वनचाचर बीट में आपसी संघर्ष में एक बाघ के घायल होने की सूचना मिली थी। जिसके बाद उस बाघ को सर्च करके तत्काल उसका रेस्क्यू किया गया और उसे बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के एंक्लोजर में रखा गया है। वन विभाग ने गन शॉट से डॉट देकर घायल नर बाघ को बेहोश कर रेस्क्यू किया है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय बताते हैं कि, ”26 जनवरी को वनमंडलाधिकारी ने सूचना दी की वन मंडल उत्तर शहडोल के जयसिंहनगर रेंज के वनचाचर बीट के कक्ष क्रमांक 380 RF में दो बाघों में आपसी संघर्ष हो गया, जिसमें एक बाघ घायल हुआ है। इसके बाद इस बाघ को सर्च करने के लिए तत्काल रेस्क्यू टीम के कुछ सदस्य वहां मौके पर भेजे गए। उसके बाद 27 जनवरी को वन परिक्षेत्राधिकार, मानपुर रेस्क्यू टीम और वन स्टाफ ने घटनास्थल पर पैदल गश्ती करके स्कैनिंग का कार्य किया। उस दौरान बाघ के पंजों के निशान मिले लेकिन बाघ प्रत्यक्ष रूप से कहीं दिखाई नहीं दिया।”
28 जनवरी को हाथियों के साथ रेस्क्यू टीम और वन स्टाफ ने घटनास्थल पर और उसके आसपास के क्षेत्र में बाघ को तलाश करने की तैयारी की। लेकिन बारिश होने के चलते उस बाघ की तलाश नहीं हो पाई। क्योंकि बारिश होने के चलते बाघ के पदचिन्ह नहीं दिखाई दिए, उस दिन भी प्रत्यक्ष रूप से बाघ नहीं देखा गया। 29 जनवरी को फिर से वन वन स्टाफ और हाथियों से गस्ती कार्य शुरू की गई, और सफलता भी मिली। हाथी और महावत को बाघ दिखाई दे दिया। इस बात की सूचना हाथी महावत एवं वन मंडल अधिकारी उत्तर शहडोल सामान्य के माध्यम से मिली।
बाघ की लोकेशन पता चल जाने के बाद आला अधिकारी और अन्य स्टाफ मौके पर पहुंच गया। मौके का निरीक्षण किया गया और बाघ का रेस्क्यू करने के लिए सबसे पहले मार्ग तैयार किया गया। उसके बाद वन्य प्राणी स्वास्थ्य अधिकारी के माध्यम से रेस्क्यू करने के लिए तैयारी पूर्ण की गई। वन्य प्राणी स्वास्थ्य अधिकारी ने गन शॉट से डॉट देकर घायल नर बाघ को बेहोश कर रेस्क्यू किया। बाघ के पूरे शरीर का वन्य प्राणी स्वास्थ्य अधिकारी ने परीक्षण भी किया, वहीं पर तुरंत ही प्रारंभिक उपचार भी उपलब्ध कराया गया है।
पन्ना टाइगर रिजर्व के बफर जोन में आदमखोर बाघ, गांव में 11 साल के बच्चे को निगला आगामी उपचार के लिए वन्य प्राणी रेस्क्यू वाहन के माध्यम से क्षेत्र संचालक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व एवं वन्य प्राणी स्वास्थ्य अधिकारी की निगरानी में उसे बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व उमरिया के मगधी परिक्षेत्र के अंतर्गत बने बहेरहा बाड़े तक परिवहन किया गया। रात में ही क्षेत्र संचालक उप संचालक पनपथा एवं वन्य प्राणी स्वास्थ्य अधिकारी की उपस्थिति में परीक्षण के बाद एंक्लोजर में बाघ को छोड़ा गया. बाघ पर लगातार निगरानी के भी निर्देश दिए गए हैं। जिससे बाघ जल्द ही स्वस्थ हो सके।





