डिलिवरी के बजाए वॉशिंग मशीन खंडहर में छिपा देते थे, बाद में देते थे बेच, गाजियाबाद पुलिस ने दो किए गिरफ्तार
Instead of delivering the washing machine, they used to hide it in the ruins and later sell it, Ghaziabad police arrested two

- गाजियाबाद पुलिस ने सामान डिलीवर करने के बजाय छिपा कर रखने वाले गिरोह के दो शातिरों को गिरफ्तार किया है
- गिरोह ने फर्जी रिसीविंग कंपनी दिखाकर वॉशिंग मशीन अपने पास रख ली और बाद में बेच दी
- पकड़े गए आरोपियों में रिंकू और लक्की उर्फ दुष्यंत शामिल हैं, जो एक लॉजिस्टिक कंपनी में काम करते थे
गाजियाबाद। सामान डिलीवर करने की बजाए छिपा कर रखने और फिर मौका पाकर माल को बेचने वाले गिरोह के दो शातिरों को गाजियाबाद की नंदग्राम पुलिस ने गिरफ्तार किया है। शातिर आरोपी माल डिलीवर करने के बजाए फर्जी रिसीविंग कंपनी में दिखाकर माल अपने पास रख लेते थे और बाद में बेच देते थे। पुलिस ने इनके पास से सात वॉशिंग मशीन बरामद की है। पकड़े गए दोनों शातिर राजनगर एक्सटेंशन स्थित एक लॉजिस्टिक कंपनी में काम करते हैं।एसीपी नंदग्राम पूनम मिश्रा ने बताया कि पकड़े गए शातिर टीला मोड के गांव सिकंदरपुर निवासी रिंकू और लोनी निवासी लक्की उर्फ दुष्यंत हैं। दो दिसंबर को इनके खिलाफ मुकेश कुमार ने तहरीर दी थी कि रिंकू और दुष्यंत को दो वॉशिंग मशीन लोनी में डिलीवर करने के लिए दी थीं, लेकिन जानकारी मिली कि वॉशिंग मशीन डिलिवरी ही नहीं हुई हैं। जबकि दोनों ने कार्यालय आकर बताया था कि उन्होंने कस्टमर को माल पहुंचा दिया है।
इस मामले में पुलिस ने छानबीन कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि दोनों अपने साथी रवि और हिमांशु के साथ एक लॉजिस्टिक कंपनी में काम करते हैं। साजिश रचकर चारों ही सामान डिलिवरी करने जाते और माल को कस्टम को न पहुंचाकर अपने पास रख लेते थे। जबकि कंपनी में फर्जी रिसीविंग दिखा देते थे। इसके बाद माल और किसी को बेच देते थे। बरामद सभी वॉशिंग मशीन उन्होंने इसी तरह से एक खंडहर में छिपा रखी थीं। दो तीन महीने से वे ऐसा कर रहे थे। एसीपी ने बताया कि गिरोह के दो फरार आरोपियों हिमांशु और रवि की तलाश की जा रही है।




