पड़ोस की रहने वाली हिन्दू लड़की संग फरार हुआ सद्दाम, भीड़ ने घर फूंक डाला, थानेदार समेत तीन सस्पेंड
Saddam eloped with a Hindu girl from the neighbourhood, the mob burnt down his house, three people including the SHO were suspended

बरेली/उत्तर प्रदेश। बरेली के एक गांव में गुस्साई भीड़ ने कानून को अपने हाथों में ले लिया। एक 21 वर्षीय व्यक्ति के घर में आग लगा दी। उस पर आरोप है कि उसने अपने ही गांव की एक अन्य समुदाय की 20 वर्षीय महिला को कथित तौर पर भगाया था। घटना की जानकारी मिलने के बाद जब शुक्रवार रात पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो भीड़ ने उनके वाहन में भी तोड़फोड़ की। पुलिस किसी तरह वहां से भागने में सफल रही और अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया। सीनियर अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए आस-पास के पुलिस स्टेशनों से अतिरिक्त बल भेजा। इसके बाद स्थिति को काबू में लाया जा सका। पुलिस ने इस मामले में लड़की को भगाने के आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की है। वहीं, सद्दाम के घर में आगजनी केस में भी तीन आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई है।बरेली एसएसपी अनुराग आर्य ने शनिवार को बताया कि घटना बरेली जिले के सिरौली सीमा के अंतर्गत चंदूपुरा शिवनगर में हुई है। शिकायत मिली थी कि 20 वर्षीय महिला 29 जुलाई को अपने पड़ोसी मोहम्मद सद्दाम के साथ भाग गई थी। गुरुवार रात को दोनों को ढूंढ लिया गया और शुक्रवार को महिला को उसके पिता को सौंप दिया गया। सद्दाम को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। बाद में रात में कुछ असामाजिक तत्वों ने सद्दाम के घर में कुछ सामान तोड़ दिया और एक चारपाई को आग लगा दी। इस मामले में 21 आरोपियों की पहचान की गई है और 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ दंगा फैलाने की बीएनएस धारा के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
महिला के पिता की शिकायत पर सद्दाम के खिलाफ अपहरण के आरोप में एक और एफआईआर दर्ज कर ली गई है। एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि सिरौली के एसएचओ लव सिरोही, सब इंस्पेक्टर सतवीर सिंह और एक कांस्टेबल को लापरवाही के लिए निलंबित कर दिया गया। कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए अब गांव में 100 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। आगे की जांच जारी है। मामले की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने बताया कि गांव में करीब 10 फीसदी अल्पसंख्यक आबादी है और यहां का मुख्य व्यवसाय खेतीबाड़ी है।
अधिकारी ने कहा कि हिंदू लड़की और सद्दाम की स्कूलिंग पूरी हो चुकी है। दो साल पहले दोनों में प्यार हो गया था। 29 जुलाई को वे दोनों एक साथ भाग गए। इस मामले में महिला के पिता ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, उन्होंने लिखित में दिया कि वे सद्दाम के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं। हालांकि, शुक्रवार की रात को स्थिति हिंसक हो गई। भीड़ ने सद्दाम के घर का दरवाजा तोड़ दिया। घर के अंदर मौजूद सामानों को तोड़ दिया और आग लगा दी। डायल-112 की टीम पहुंची, तो उस पर भी हमला किया गया। इसके बाद अतिरिक्त बल बुलाया गया।
चंदूपुरा शिवनगर के स्थानीय लोगों ने कहा कि कोई भी हिंसा के पक्ष में नहीं है। उन्होंने मौके पर पुलिस की मौजूदगी की सराहना भी की। गांव के मुखिया प्रवेश कुमार ने कहा कि यहां कभी कोई सांप्रदायिक तनाव नहीं रहा। हम हमेशा एक साथ शांति से रहते थे। मुस्लिम व्यक्ति ने किसान की बेटी को भगाया। इसके बाद स्थिति खराब हो गई। लड़की के समुदाय के लोग अधिक संख्या में हैं, इसलिए उन्होंने सद्दाम के घर को निशाना बनाया।
घटना को लेकर लड़की की मां ने कहा कि सद्दाम और उसके साथी अक्सर मेरी बेटी को धमकाते थे। वह उसे जबरदस्ती ले गया और गांव वाले इस घटना से नाराज हो गए। उनके घर पर हमला कर दिया। उन्होंने दुखी होते हुए कहा कि हम बस यही चाहते हैं कि वे (सद्दाम और उसके साथी) हमारी बेटियों से दूर रहें।




