पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में बीजेपी महिला नेता को सड़क पर लाकर फाड़े कपड़े, फिर नंगाकर पीटा

कोलकाता/एजेंसी। पश्चिम बंगाल में एक बार फिर बीजेपी बनाम टीएमसी शुरू हो गया है। संदेशखाली में महिलाओं को पताड़ित किए जाने का मामला शांत नहीं हुआ कि अब कूचबिहार से हिला देने वाली घटना सामने आई है। यहां पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की महिला नेता को प्रताड़ित किया गया। उसे पीटा गया और कपड़े उताकर घसीटा गया। बीजेपी ने आरोप लगाया है कि तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों ने उनकी पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा की महिला नेता के साथ बदसलूकी और मारपीट की। घटना की शिकायत बंगाल बीजेपी नेताओं ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी), राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (एनसीएम) को की है। लेटर में बीजेपी ने कहा है कि भाजपा महिला मोर्चा की एक महिला नेता की गोखसदांगा में तृणमूल कांग्रेस के गुंडों ने पिटाई की। सार्वजनिक रूप से उनके कपड़े भी फाड़ दिए गए। इस समय वह एक अस्पताल में भर्ती हैं। पुलिस आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही। इस घटना के बाद दोनों पार्टियों ने एक दूसरे पर आरोप लगाने शुरू कर दिए हैं। बीजेपी ने बंगाल में तालीबानी और पाकिस्तानी शासन जैसे आरोप लगाए हैं।
वहीं इस घटना पर अस्पताल में भर्ती बीजेपी महिला नेता ने कहा, ‘तृणमूल कांग्रेस के गुंडों ने कहा कि वे मुझे भाजपा के साथ जुड़े होने की सजा दे रहे हैं।’ तृणमूल कांग्रेस के एक नेता ने आरोपों को निराधार बताकर खारिज कर दिया और दावा किया कि घटना संपत्ति के एक विवाद से संबंधित है।
बीजेपी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में रोसोनारा खातून नाम की एक मुस्लिम महिला को उनकी पार्टी का समर्थन करने पर निर्वस्त्र कर पीटा गया। भाजपा नेता अमित मालवीय ने दावा किया कि यह घटना कूचबिहार जिले के माथाभांगा विधानसभा के रामठेंगा बाजार में हुई। भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा की सदस्य रोसोनारा खातून को उसके बालों से घसीटा गया और गंभीर शारीरिक हमला किया गया। इस क्रूर घटना ने मुस्लिम समुदाय को झकझोर दिया है।
चुनाव के बाद से डर में थीं खातून
बीजेपी ने दावा किया कि चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद से, रोसोनारा खातून दहशत की स्थिति में थी और अपने घर से बाहर निकलने से परहेज कर रही थी। पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा पर चिंता व्यक्त करते हुए मालवीय ने कहा, ‘बंगाल के हर गांव में एक संदेशखली है। इस घटना से व्यापक आक्रोश फैल गया है और न्याय की मांग हो रही है। ममता बनर्जी के तहत राजनीतिक हिंसा और महिलाओं की सुरक्षा एक बड़ी चिंता बनी हुई है।’
महिला आयोग ने मांगी रिपोर्ट
एनसीडब्ल्यू ने कोलकाता पुलिस को टैग करते हुए एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘आरोपी को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए और पीड़िता को मुफ्त चिकित्सा उपचार प्रदान किया जाना चाहिए। एक निष्पक्ष, समयबद्ध जांच की आवश्यकता है, जिसमें विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट 3 दिनों के भीतर आयोग को प्रस्तुत की जानी चाहिए।’ पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव के बाद हो रही राजनीतिक हिंसा की जांच करने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की गठित चार सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में राज्य की मुख्यमंत्री पर कई बड़े आरोप लगाए हैं। रिपोर्ट में कमेटी ने यहां तक आरोप लगाया है कि ममता बनर्जी के शासन में पश्चिम बंगाल अब ‘मिनी पाकिस्तान’ बन गया है।
ममता बनर्जी पर लगाए आरोप
बताया जा रहा है कि समिति ने अपनी रिपोर्ट में राज्य की मुख्यमंत्री पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि ममता बनर्जी के शासन में पश्चिम बंगाल अत्यधिक राजनीतिक हिंसा से गुजर रहा है। चुनावों के दौरान लोगों की जान जाना, बलात्कार, यहां तक कि महिलाओं और बच्चों पर हमले आम बात हो गई है। यहां लोकतंत्र का त्योहार दुस्साहस बन गया है। राजनीतिक सत्ता हथियाने के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हर चुनाव में सभी नागरिक अधिकारों का अपहरण कर रही हैं और मानवता को नष्ट कर रही हैं। जहां मुख्यमंत्री स्वयं एक महिला हैं, वहां पुलिस राजनीतिक दबाव में सामूहिक बलात्कार पीड़िता की शिकायत दर्ज नहीं करती। ये मानवता के लिए शर्म की बात है, लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मूकदर्शक बनी हुई हैं और वह हिंसा की मूर्ति बन चुकी हैं। ममता बनर्जी के शासन में पश्चिम बंगाल अब ‘मिनी पाकिस्तान’ बन गया है। खासकर भाजपा समर्थकों के साथ राष्ट्रविरोधी तत्व जैसा व्यवहार किया जा रहा है। वह हर जगह भारतीय संविधान और लोकतंत्र का गला घोंट रही हैं।

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