दिल्ली में 15 साइबर थानों के एसएचओ बनने के लिए होड़, 118 इंस्पेक्टर ने पेश कर दी है अपनी दावेदारी
8 एसएचओ भी परीक्षा देने को तैयार, स्पेशल यूनिट्स से भी कई दावेदार

नई दिल्ली/एजेंसी। राजधानी के 15 साइबर थानों में एसएचओ लगने के लिए 118 इंस्पेक्टरों ने अपनी दावेदारी पेश की है। पुलिस हेडक्वॉर्टर ने इसकी लिस्ट जारी कर दी है। दावेदारों में तीन लोकल तो पांच साइबर थानों के एसएचओ भी शामिल हैं। इन सभी को रिटन टेस्ट से गुजरना पड़ेगा, जिसका सिलेबस तैयार हो चुका है। इसे जल्द ही सभी कैंडिडेट्स को भेजा जाएगा। इसके बाद लिखित परीक्षा होगी और मेरिट लिस्ट जारी होगी। टॉप 15 इंस्पेक्टरों को साइबर थानों की कमान सौंपी जाएगी।दिल्ली में दिसंबर 2021 में साइबर थानों की शुरुआत हुई थी, जो हर जिले में अभी एक-एक हैं। पुलिस ने लॉ एंड ऑर्डर के लिहाज से राजधानी को 15 जिलों में बांट रखा है, इसलिए 15 साइबर थाने हैं। पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा ने साइबर क्राइम के बदलते ट्रेंड और नेचर को देखते हुए साइबर एसएचओ की तैनाती रिटन एग्जाम के जरिए करने का फैसला किया। इसके लिए हेडक्वॉर्टर ने 26 दिसंबर को स्पेशल सीपी (ट्रेनिंग) को लेटर भेज कर इसके लिए सिलेबस तैयार करने को कहा था।
इसी तरह 2 जनवरी को एक ऑर्डर जारी कर सभी उन इंस्पेक्टरों को अपना नाम भेजने को कहा गया, जो साइबर थाने का एसएचओ बनने की इच्छा रखते हैं। हेडक्वॉर्टर से 28 जनवरी को 118 इंस्पेक्टरों की लिस्ट जारी कर दी है, जो बनने के इच्छुक हैं। ऑर्डर में कहा गया है कि साइबर एसएचओ बनने के इच्छुक सभी इंस्पेक्टरों की लिखित परीक्षा होगी, जिसका सिलेबस सभी को जल्द भेज दिया जाएगा। रिटन एग्जाम की डेट, जगह और समय जानकारी बाद में दी जाएगी।
साइबर पुलिस स्टेशन का एसएचओ बनने की इच्छा एसएचओ गुलाबी बाग जगदीश कुमार, एसएचओ कल्याणपुरी मुकेश कुमार और गोकुलपुरी प्रवीण कुमार ने भी जाहिर की है। इसी तरह साइबर थाना साउथ वेस्ट के एसएचओ विकास कुमार बुलडक, वेस्ट के एसएचओ धर्मेंद्र कुमार, नॉर्थ ईस्ट के एसएचओ विजय कुमार, सेंट्रल के एसएचओ संदीप पंवार, शाहदरा के एसएचओ मनीष कुमार वर्मा और नई दिल्ली के एसएचओ वीरेंद्र कुमार रिटन टेस्ट को तैयार हैं।
स्पेशल सेल, क्राइम ब्रांच, ईओडब्ल्यू, एंटी करप्शन ब्रांच, पीसीआर, ट्रैफिक, मेट्रो के अलावा लोकल थानों में लगे इंस्पेक्टर एटीओ और इनवेस्टिगेशन ने भी साइबर एसएचओ के लिए दावा ठोका है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि रिटन टेस्ट होने से इंस्पेक्टर साइबर को सिलेबस को पढ़ेंगे, जो उनके लिए काफी फायदेमंद रहेगा। यह जरूर है कि लॉ एंड ऑर्डर के बजाय साइबर थाने में एसएचओ लगना ज्यादा मुश्किल हो जाएगा। किसी भी विवाद से बचने और पारदर्शिता के लिए भी रिटन टेस्ट अच्छा विकल्प है।




