पुलिस वाले ही बन गए ‘चोर’, लीक कर रहे थे थाने की जानकारी, अधिकारियों ने पकड़ा

भोपाल/मध्य प्रदेश। चोर और पुलिस का खेल तो यूं काफी पुराना है, लेकिन अगर पुलिस वाले ही चोर बन जाएं तो फिर चोरों की तो बल्ले बल्ले होना तय बात है। कुछ ऐसा ही मामला राजधानी भोपाल में सामने आया है, जहां पर दो थानों के पुलिसकर्मी ही ‘चोरी’ करते पकड़े गए। जानकारी सामने आते ही दोनों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। इनमें एक असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (एएसआई) है तो वहीं, दूसरा सिपाही (कॉन्स्टेबल) है। दरअसल, मामला भोपाल के क्राइम ब्रांच थाना और हनुमानगंज थाने से जुड़ा हुआ है। जहां के पुलिसकर्मी आरोपियों को जानकारी शेयर करते हुए पकड़े गए है। इनके खिलाफ अधिकारियों ने एक्शन लेते हुए तुरंत पद से हटा दिया है। पिछले दिन पुलिस को सूचना मिली थी कि भोपाल के छोला निवासी शातिर जुआरी नरेश मरघट अपने घर में जुआ की फाड़ जमा रहा है। यहां पर लाखों रुपए की जुए की फाड़ जमती थी। इनको पकड़ने के लिए पुलिस पहुंची तो वह फरार मिला इसके बाद जांच में जो पता चला वह हैरान करने वाला था।
पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार हुआ आरोपी
कुछ दिन पहले जब भोपाल क्राइम ब्रांच पुलिस को जानकारी मिली की एक जुआरी अपने यहा जुए की फाड़ जमा रहा है। इस मामले की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग ने एक गोपनीय टीम बनाई। पूरी टीम ने सीक्रेट तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया। सारी जानकारी गोपनीय रखी गई थी। पुलिस की टीम जैसे ही नरेश के घर पहुंची और वहां घेराबंदी की तो पता चला कि जुआरी गायब हो गए हैं। इस बात पर क्राइम ब्रांच के अधिकारियों को संदेह हुआ।
आला अधिकारियों को हुआ शक
जुआरियों को पकड़ने गई टीम खाली हाथ लौटी तो अधिकारियों को कुछ शंका हुई। उन्होंने जब अपनी पुलिस टीम के सदस्यों से आरोपियों के भाग जाने के बारे में पूछताछ की तो किसी ने कुछ नहीं कहा। अधिकारियों ने बाद में जब पुलिसकर्मियों की कॉल डिटेल चेक की गई तो बड़ा खुलासा हो गया। असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर विजय यादव और हनुमानगंज थाने का सिपाही सौरभ राजावत की कॉल डिटेल में जुआरी नरेश मरघट से बातचीत की कॉल डिटेल निकल आई। जब जांच का दायरा बढ़ाया गया तो अन्य थानों में पदस्थ पुलिसकर्मियों से भी जुआरी की बात होने की जानकारी सामने आई।
यह खुलासा होते ही पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों ने ए एस आई विजय यादव और सिपाही सौरभ राजावत को सस्पेंड कर दिया है। उन्हें फिलहाल लाइन में अटैच किया गया है। पुलिस के अनुसार इस मामले में आगे की जांच के लिए एसीपी क्राइम मुख्तर कुरेशी को काम सौंपा गया है। वहीं, पुलिस को अभी भी शक है कि राजधानी के और भी पुलिसकर्मी है जो अपराधियों के संपर्क में थे, फिलहाल उनकी पड़ताल चल रही है।

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