गाजियाबाद में अब नहीं चलेगी गार्ड और बाउंसरों की दबंगई! डीएम ने जारी किए नए नियम

गाजियाबाद। गाजियाबाद की सोसाइटियों, मॉल्स और निजी परिसरों में तैनात सिक्योरिटी गार्ड और बाउंसर की लगातार बढ़ती शिकायतों ने आखिरकार प्रशासन को सख्त कार्रवाई के मोड में ला दिया है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने साफ संदेश दिया है की सुरक्षा के नाम पर जनता को डराने, धमकाने या ताकत दिखाने वाली कोई भी हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने इस संबंध में एक विस्तृत गाइडलाइन जारी करते हुए व्यवहार, वर्दी और जनसंपर्क की मर्यादा तय की है, जिसे सभी संस्थाओं के लिए अनिवार्य कर दिया गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन के पास लगातार शिकायतें आ रही थीं कि कई गार्ड और बाउंसर समिति के गेट पर खड़े होकर निवासियों से ऊंचे स्वर में बातचीत करते हैं। पहचान पत्र दिखाने को लेकर बहस करते हैं और कई बार धमकी भरे शब्द भी इस्तेमाल करते हैं। यहां तक कि कई बार लोगों पर हाथ भी छोड़ देते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया की सुरक्षा कर्मियों का दायित्व लोगों को सुरक्षित महसूस करना है, ना कि भयभीत करना। डीएम ने सभी आरडब्ल्यूए, एओए और डेवलपर्स को निर्देशित किया है कि वह अपने सुरक्षा कर्मचारियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिलाएं। उन्हें यह सिखाया जाए कि निवासियों व आगंतुकों से नम्र, शालीन और मर्यादित भाषा में बात करें। आदेश में कहा गया है कि बदसलूकी, गाली-गलौज या जानबूझकर रोक-टोक जैसी शिकायतें अब सीधे गैर जमानती धाराओं में शामिल की जाएगी।
डीएम द्वारा सबसे बड़ा निर्देश गार्डों की यूनिफॉर्म को लेकर जारी हुआ है। जिलाधिकारी के मुताबिक कई सुरक्षाकर्मी ऐसी वर्दी पहनते हैं जो सेना, अर्धसैनिक बल या पुलिस जैसी दिखती है। इससे आम नागरिक भ्रमित होकर उन्हें सरकारी सुरक्षा बल समझ लेता है और मानसिक दबाव में आ जाता है। इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए डीएम ने कहा है कि गार्ड और बाउंसर की ड्रेस साधारण और पहचान योग्य होनी चाहिए। किसी भी तरह की सैन्य शैली की यूनिफार्म अब प्रतिबंधित रहेगी। नियम तोड़ने पर संस्था और सुरक्षा कंपनी दोनों पर कार्रवाई होगी।
जिलाधिकारी का यह आदेश सिर्फ हाउसिंग सोसायटियों तक सीमित नहीं है। यह उन सभी स्थानों पर लागू होगा जहां निजी सुरक्षा तैनात है, जैसे मॉल, कार्यालय परिसर, निजी अस्पताल, टाउनशिप आदि। डीएम ने कहा कि गेट पर खड़े लोग जनता के सेवक नहीं मालिक हैं। यदि कोई गार्ड किसी निवासी, बुजुर्ग, महिला या आगंतुक से अभद्रता करता पाया गया तो सीधे मुकदमा दर्ज होगा। अब शिकायत पर चेतावनी नहीं बल्कि तत्काल कानूनी कार्रवाई होगी।

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