गजब! गेहूं के आकार का सोने का ‘राम मंदिर’, बनाने में लगे 28 दिन, देखने के लिए लेंस का करना होगा इस्तेमाल

उदयपुर/राजस्थान। अयोध्या में 22 जनवरी को भगवान श्री राम के मंदिर में रामलला की मूर्ति की भव्य प्राण प्रतिष्ठा की गई। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी समेत कई साधु संतों, विशिष्ट लोगों ने भी इस समारोह में शिरकत की। इधर, राम मंदिर को लेकर राजस्थान के उदयपुर के निवासी एक व्यक्ति का कमाल देखने को मिला। इससे आप भी आश्चर्यचकित हो जाएंगे। उदयपुर निवासी पीयूष प्रताप सिंह ने एक गेहूं के दाने के आकार बराबर सोने का राम मंदिर का प्रतीक बनाया है। इसे देखकर हर कोई हैरान हो रहा है।
28 दिनों में बनाया गेहूं के दाने के बराबर का नन्हा राम मंदिर
लोगों को हैरान कर देने वाला यह मामला उदयपुर के घंटाघर निवासी पीयूष प्रताप सिंह का है, जिन्होंने राम मंदिर को लेकर यह प्रेरणा ली। उन्होंने कुछ अनूठा करने की मन में ठानी। इसके चलते उन्होंने 28 दिनों की कड़ी मेहनत से गेहूं के दाने के आकार बराबर सोने का राम मंदिर बनाया। इसका वजन 00.0200 मिलीग्राम है। सोने का यह सूक्ष्म राम मंदिर मात्र 0.3 सेंटीमीटर का है।
राम मंदिर की कलाकृति को म्यूजियम में रखना चाहते हैं पीयूष
राम मंदिर की कलाकृति को बनाने वाले पीयूष प्रताप सिंह ने बताया कि उसकी इच्छा है कि उनके बनाए गए नन्हे श्री राम मंदिर के प्रतीक को अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर के म्यूजियम में रखा जाए। उन्होंने बताया कि वह इस नन्हे राम मंदिर को लेकर विश्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज करवाना चाहता है। इसको लेकर वह रिकॉर्ड में शामिल करने के लिए आवेदन भी करेंगे। उसने बताया कि मंदिर को देखने के लिए लेंस की जरूरत रहेगी। लेंस के उपयोग से ही यह राम मंदिर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।
राम मंदिर के मॉडल को देखकर मन में हुई इच्छा
पीयूष प्रताप सिंह ने बताया कि करीब तीन महीने पहले उनके बड़े भाई पंकज अयोध्या राम मंदिर गए थे, जहां से उनके बड़े भाई राम मंदिर का एक मॉडल अपने साथ लेकर आए। इस राम मंदिर के मॉडल को देखकर कर उनके मन में भी छोटा सा राम मंदिर बनाने की इच्छा जागी। उसने बताया कि 28 दिनों की मेहनत के बाद उसने इस अति सूक्ष्म राम मंदिर का निर्माण किया। उसकी यही इच्छा है कि अब वह इस मंदिर को राम मंदिर प्रबंधन समिति को समर्पित करें। जिसे वहां के म्यूजियम में रखा जा सके।

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