दादरी के पीर मजारों पर कब्जा करने की फिराक में था आस मोहम्मद, आस्‍ट्रेलिया से मिलने वाली थी फंडिंग

दादरी,(ग्रेटर नोएडा)। गाजियाबाद के नर्मदेश्‍वर महादेव मंदिर में हिंदू रक्षा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरि महाराज  की हत्या के इरादे से घुसे आस मोहम्‍मद के बारे में कई खुलासे हो रहे हैं। दादरी के पल्ला गांव निवासी आस मोहम्मद की इलाके के पीर-मजारों पर नजर थी। उनकी आड़ में सरकारी भूमि पर कब्जा करने की योजना चल रही थी। आरोप है कि उसके साथी ने आस्ट्रेलिया से फंडिंग का आश्वासन दे रखा था। वह पुस्तैनी काम छोड़कर ग्रामीणों को जल्द अमीर बनने का आश्वासन देता था। ग्रामीणों को आरोप है कि आस मोहम्‍मद और उसके पिता बाबूउददीन उर्फ बाबू दोनों का गैर इस्लामिक सामाजिक संगठनों से संबंध था। वे गांव में रहकर पुश्तैनी लुहार और बढ़ई का काम करते थे। आरोप है कि आस मोहम्‍मद ने गांव में दादा की कब्र को पीर का रूप देकर सरकारी जमीन को कब्जाना शुरू कर दिया था। वही, पास के गांव चिटेहरा में स्थित पीर पर कब्जा करना शुरू कर दिया था। इस पर ग्रामीणों ने विरोध जताया था।
आरोप यह भी है कि आस मोहम्‍मद गैर मुस्लिम युवतियों से 25 साल की आयु में 4 शादियां कर चुका था। पशुओं को काटने पर ग्रामीणों के विरोध के बाद आरोपी गांव से चला गया था। बताया जा रहा है कि आस मोहम्‍मद ने नोएडा के अलावा जयपुर, मेरठ और मुजफ्फनगर की युवतियों को अपनी दरिंदगी का शिकार बनाया था। वह समीर शर्मा बनकर विभिन्‍न युवतियों को लालच देकर फंसाता था। नोएडा की एक युवती को उसने आईएएस बनाने का सपना दिखाकर यूपीएससी की परीक्षा दिलवाई थी और खुद भी उसके साथ परीक्षा में बैठा था। माना जा रहा है कि इसके लिए कोई संगठन उसकी फंडिग कर रहा था। सुरक्षा एजेंसियां उसके बैंक खातों की जांच कर रही हैं।

जांच में यह भी पता चला है कि आस मोहम्‍मद लंबे समय से स्‍वामी प्रबोधानंद गिरि की रेकी कर रहा था। गत 21 सितंबर को आस मोहम्‍मद मंदिर परिसर पहुंचा और समीर शर्मा बनकर मंदिर परिसर में एक रात बिताई थी। बाद में वह पिस्‍टल, ब्‍लेड और चाकू लेकर दो अक्‍टूबर को दोबारा मंदिर आया पर सेवादारों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

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