नोएडा के कारोबारी को धमकाने के आरोप में हाईकोर्ट ने हिमाचल के डीजीपी संजय कुंडू और एसपी शालिनी को हटाने का आदेश

शिमला/हिमाचल प्रदेश। हिमाचल से संबंध रखने वाले नोएडा के कारोबारी को धमकाने के मामले में हाईकोर्ट ने सुक्खू सरकार से पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और कांगड़ा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को हटाने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि कारोबारी की जान को खतरे संबंधी शिकायत की जांच को ये अधिकारी प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए इन्हें तुरंत प्रभाव से हटाया जाए। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि वह इस मामले में असाधारण परिस्थितियों के कारण हस्तक्षेप कर रही है। विशेष रूप से तब जब गृह सचिव ने मामले में प्रस्तुत सामग्री से आंखें मूंद लीं। कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश सरकार के सेक्रेटरी (होम) को निर्देश दिए कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए इन दोनों अफसरों को उनके पदों से बदला जाना चाहिए।
कारोबारी निशांत शर्मा ने 28 अक्टूबर को दर्ज अपनी शिकायत में कहा था कि उन्हें, उनके परिवार और संपत्ति को खतरा है। शर्मा ने डीजीपी संजय कुंडू की भूमिका पर भी सवाल उठाया था, जिन्होंने कथित तौर पर उन्हें फोन करके शिमला आने के लिए कहा था। मुख्य न्यायाधीश एम एस रामचंद्र राव और न्यायमूर्ति ज्योत्सना रेवाल दुआ की पीठ ने कहा कि उन्हें (डीजीपी और कांगड़ा के एसपी को) अन्य पदों पर स्थानांतरित करें, जहां उन्हें मामले में जांच को प्रभावित करने का कोई अवसर नहीं मिलेगा।
हाईकोर्ट ने कहा कि एसपी कांगड़ा ने शिकायतकर्ता से 28 अक्टूबर को एक ई-मेल के माध्यम से शिकायत प्राप्त होने के बावजूद जानबूझकर 16 नवंबर तक प्राथमिकी दर्ज करने में देरी करने के बाद जांच में बहुत कम प्रगति दिखाई। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को भेजी गई अपनी शिकायत में कारोबारी शर्मा ने अपने साझेदारों से उन्हें, उनके परिवार के सदस्यों और संपत्ति को खतरे का आरोप लगाया था। शर्मा ने 28 अक्टूबर की अपनी शिकायत में 25 अगस्त को गुरुग्राम में उन पर हुए हमले की घटना का हवाला देते हुए कहा कि इसमें भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी सहित हिमाचल प्रदेश के दो प्रभावशाली व्यक्ति शामिल थे।
शर्मा ने आरोप लगाया था कि हमले के बाद मैं कांगड़ा जिले के पालमपुर आया था। लेकिन डीजीपी ने मुझे अपने आधिकारिक नंबर से फोन किया और मुझे शिमला आने के लिए मजबूर किया। उसी दिन दो अपराधियों ने मुझे धर्मशाला के मैक्लोडगंज में रोका और मेरे ढाई साल के बच्चे और पत्नी को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी। उन्होंने दावा किया कि मैं धर्मशाला में कांगड़ा, एसपी (शालिनी अग्निहोत्री) के आवास गया और उन्हें परेशानी बताई। उन्हें अपनी शिकायत दी लेकिन अभी तक कुछ नहीं किया गया है।

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