कानपुर में पीएम आवास योजना में घर दिलाने के नाम लाखों की ठगी, 4 गिरफ्तार

कानपुर/उत्तर प्रदेश। यूपी के कानपुर से प्रधानमंत्री आवास योजना में घर दिलाने के नाम ठगी का मामला सामने आया है। कानपुर कमिश्नरेट पुलिस और एसटीएफ की लखनऊ यूनिट ने चार आरोपियों को अरेस्ट किया है। इस गैंग के सदस्य प्रधानमंत्री आवास दिलाने के नाम पर गरीब और भोले-भाले लोगों के साथ लाखों की ठगी कर रहे थे। पुलिस ने इनके पास से बड़ी मात्रा में फर्जी दस्तावेज भी बरामद किए हैं। इस गैंग के कई अन्य सदस्यों को पकड़ने के लिए संचेंडी पुलिस ने टीम का गठन किया है।
यूपी एसटीएफ को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि प्रधानमंत्री आवास योजना में घर दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़ा कर ठगी की जा रही है। सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर इस गैंग के सदस्य ठगी कर पार्टी और सरकार की छवि खराब कर रहे हैं। एसटीएफ ने कानपुर पुलिस के साथ मिलकर इस गैंग का पर्दाफाश करने की योजना बनाई थी। कानपुर की संचेंडी पुलिस और एसटीएफ लखनऊ ने मिलकर जाल बिछाया था। पुलिस ने चार ठगों को अरेस्ट किया है।
पुलिस ने जब इस प्रकरण की जांच की तो पता चला कि कुछ लोग एक संगठित गिरोह बनाकर अलग-अलग मोबाइल नंबरों से आम लोगों को फोन करते थे। गिरोह के सदस्य फोन कहते थे कि आप ने प्रधानमंत्री आवास योजना का फार्म भरा है। इसके बाद उनके परिवारिक सदस्यों का विवरण बताकर लोगों को भरोसे में लेते थे। इसके बाद प्रधानमंत्री आवास दिलाने के नाम पर उनसे दो से चार हजार रुपए की ठगी करते थे। पुलिस ने अनिरूद्ध सिंह, रंजीत सिंह, अजीत सिंह और दिलीप सिंह को अरेस्ट किया है।
गिरोह के कई सदस्य हुए फरार
पुलिस ने चारों आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन, कूटरचित आधार कार्ड, फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं। इसके साथ ही पकड़े गए चारों आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी है। इस गिरोह के कई सदस्य फरार चल रहे हैं। इनका नेटवर्क कानपुर और उसके आसपास के जिलों में फैला हुआ है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।




