ट्रांसफॉर्मर से लग गया था बच्चे को करंट, मानसरोवर पार्क थाने में एक साल बाद हुई एफआईआर

नई दिल्ली। मां की मौत हो चुकी थी और पिता टीबी से पीड़ित थे। मकान किराए का था। चार बच्चे दादी की छत्रछाया में पल रहे थे। अचानक एक दिन दूसरे नंबर का छह साल का बेटा बॉल लेने ट्रांसफॉर्मर के पास गया, जिसके गेट खुले थे। वो जैसे ही बॉल उठाने लगा तो वहां की नंगी तारों में दौड़ रहे करंट ने बच्चे को खींच लिया। इससे वो 75 फीसदी झुलस गया। पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। ये दावा करते हुए पीड़ित बच्चे के पिता ने कोर्ट में गुहार लगाई। अदालत ने पुलिस को केस दर्ज करने के निर्देश दिए।
कड़कड़डूमा कोर्ट की मेट्रोपोलिटन मैजिस्ट्रेट ऐश्वर्य सिंह कश्यप ने 20 अप्रैल को मुकदमा दर्ज करने का ऑर्डर दिया। मानसरोवर पार्क थाना पुलिस ने 1 मई को लापरवाही से किसी के जीवन को खतरे में डालने या गंभीर चोट पहुंचाने (धारा 38) के तहत केस दर्ज कर लिया है। शिकायतकर्ता ने इस मामले की शिकायत 11 मई 2023 को एसएचओ मानसरोवर पार्क, डीसीपी शाहदरा, मुख्यमंत्री दिल्ली और बीएसईएस के बिजनेस मैनेजर शाहदरा सब डिविजन को कंप्लेंट दी थी। इस मामले में कोई एक्शन नहीं होने पर पीड़ित ने कोर्ट में कंप्लेंट केस दायर किया था।
पीड़ित रामू ने अपनी शिकायत में बताया कि वो लोनी रोड स्थित भगवानपुर खेड़ा में किराए पर रहते हैं। दूसरे नंबर का बेटा अरुण (6) बच्चों के साथ 25 अप्रैल 2024 दोपहर करीब 12:00 बजे घर के पास बच्चों के साथ क्रिकेट खेल रहा था। बॉल जगजीवन नगर नाले के पास बीएसईएस के ट्रांसफर के पास चली गई, जिसे लेने अरुण गया। ट्रांसफॉर्मर के गेट खुले पड़े थे और तार नंगे थे। बॉल उठाने के लिए झुके अरुण को करंट ने अपनी ओर खींच लिया। वो ट्रांसफॉर्मर से चिपक गया। इससे वो 70 फीसदी झुलसा, जिसका जीटीबी अस्पताल में इलाज हुआ।
रामू ने मानसरोवर पार्क थाने में इसकी शिकायत दी, जिसमें उन्होंने बीएसईएस के बिजनेस मैनेजर, जूनियर और असिस्टेंट इंजिनियर के अलावा ठेकेदार को आरोपी बनाया। दावा है कि इन अफसरों की लापरवाही से हादसा हुआ था। नंगे तार होने और ट्रांसफॉर्मर का गेट खुला रहने की शिकायत बीएसईएस से कई बार की गई थी, लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की। उलटा कहा गया कि जहां भी कंप्लेंट करनी है कर लो, हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button