विवादों में घिरे एएटीएस इंस्पेक्टर, पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा ने दिए जांच के आदेश

नई दिल्ली। देश की सबसे पेशेवर व तेज तर्रार मानी जाने वाली दिल्ली पुलिस में अक्सर ऐसा मामला सामने आता है, जब कुछ कर्मी अपनी करतूतों से पूरे महकमा को बदनाम करने से नहीं चुकते। ऐसा ही एक नया मामला दक्षिण दिल्ली में सामने आया है।
वाहन चोरी निरोधक दस्ता (एएटीएस) के प्रभारी द्वारा चोरी के एक आरोपित की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक के बावजूद उसे कई दिनों तक हिरासत में रखने व मारपीट करने का आरोप है। अब इस मामले में साकेत कोर्ट ने पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा को इंस्पेक्टर की कार्यप्रणाली की जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा एक अन्य मामले में एएटीएस प्रभारी द्वारा स्पेशल सेल से होने की जानकारी देकर ईरानी नागरिक को हिरासत में लेकर डरा धमका 1.75 लाख रुपये वसूलने के आरोप में विजिलेंस विभाग की ओर से जांच की जा रही है।
पहले मामले में 12 अक्टूबर को छतरपुर स्थित एक डिजाइनर कपड़ों के शोरूम में चोरी होने पर महरौली थाना पुलिस ने शोरूम मालिक की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। जांच के दौरान शक के आधार पर एक आरोपित की पहचान कर ली गई। महरौली पुलिस उसे गिरफ्तार कर पूछताछ करती, लेकिन उससे पहले आरोपित को 18 अक्टूबर को साकेत कोर्ट से गिरफ्तारी पर अंतरिम राहत मिल गई।
रोक के बावजूद प्रभारी ने की पूछताछ के साथ मारपीट
कोर्ट ने उसके खिलाफ किसी तरह के कठोर कार्रवाई पर भी रोक लगा दी थी। बताया जाता है कि इस तरह का आदेश बहुत कम मामले में दिया जाता है, जिससे महरौली थाना पुलिस ने फिलहाल आरोपित के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई करना बंद कर दिया था। इस बीच दक्षिण जिला के एएटीएस प्रभारी उमेश यादव को आरोपित के चोरी में शामिल होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने पहले महरौली पुलिस से आरोपित के बारे में पूछताछ की।
पुलिस ने अदालत द्वारा अंतरिम रोक लगे होने की जानकारी दी। बावजूद इसके एएटीएस प्रभारी ने आरोपित आरिफ खान को हिरासत में लेकर पूछताछ तो की ही, साथ ही आरोप है कि उसके साथ मारपीट भी की। उसकी निशानदेही पर कुछ कपड़े की बरामदगी भी दिखाई। आरोपित को हिरासत से छोड़ने के बाद उसने दोबारा अदालत में अर्जी दायर कर पुलिस पर अदालत के आदेश का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। जिस पर अदालत ने पुलिस आयुक्त को जांच कर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
दूसरे मामले में छह नवंबर को एएटीएस प्रभारी ने खुद को स्पेशल सेल का कर्मी बताकर ईरान के एक नागरिक को पकड़ कर उन्हें कई घंटे तक हिरासत में रखा। आरोप है कि उनसे साथ मारपीट भी की गई। छोड़ने के एवज में उनसे 1.75 लाख रुपये वसूल लिए गए। पिटाई से चोट लगने पर एम्स पहुंच कर ईरानी ने पीसीआर काल कर आरोप लगाया कि स्पेशल सेल के एक कर्मी ने उनके साथ मारपीट की और छोड़ने के एवज में 1.75 लाख ले लिए। आला अधिकारियों पर शिकायत पहुंचने पर विजिलेंस विभाग को जांच करने का आदेश दिया गया है।




