गाजियाबाद में तेंदुआ ले उड़ा पिंजरा, जांच घेरे में फंसे उप क्षेत्रीय वन अधिकारी

गाजियाबाद। तेंदुआ को पकड़ने में अधिकारियों एवं कर्मचारियों का पसीना निकल जाता है, लेकिन पहली बार तेंदुए को कैद करने के लिए लगाया गया भारी-भरकम पिंजरा जंगलों से गायब होने पर अधिकारियों की नींद उड़ गई है।
चर्चा है कि कहीं पिंजरे को तेंदुआ तो नहीं ले उड़ा। जानकारी के अनुसार सदरपुर गांव के जंगलों में 12 जून 2022 को तेंदुआ दिखाई देने की शिकायत पर वन विभाग ने जंगलों में पिंजरा लगा दिया। विभाग से यह पिंजरा उप क्षेत्रीय वन अधिकारी फतेहसिंह को आवंटित किया गया था।
चार जनवरी 2023 को वन विभाग गौतमबुद्ध नगर ने तेंदुआ दिखने पर पिंजरे की मांग की। सदरपुर से पिंजरा लाकर गौतमबुद्ध नगर को भेजने के निर्देश जारी किए गए लेकिन स्थलीय निरीक्षण के दौरान पिंजरा वहां से गायब मिला।
20 दिन तक दिन-रात पिंजरे को तीन टीमों ने तलाश किया, लेकिन पिंजरा नहीं मिला। इस प्रकरण के लिए जांच समिति गठित कर दी गई। समिति ने जांच में पाया कि उप क्षेत्रीय वन अधिकारी फतेहसिंह ने राजकीय सामग्री की सुरक्षा में लापरवाही बरती है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित को नोटिस जारी करके जवाब मांग गया लेकिन कोई जवाब नहीं दिया गया। अब प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी मनीष सिंह ने जांच रिपोर्ट के आधार पर पिंजरे की कीमत 99 हजार रुपये वेतन से वसूलने के आदेश जारी कर दिये हैं।
गायब हुए पिंजरे में दो बार तेंदुआ कैद किया जा चुका है। गाजियाबाद में पिछले तीन साल से बार-बार तेंदुआ आ रहा है। इसको लेकर सामाजिक वानिकी प्रभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी सतर्क रहते हैं। वायुसेना अधिकारियों के अनुरोध पर वायु सेना स्टेशन हिंडन के जंगलों में भी पिंजरा लगाया जाना है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button