सस्ता सोना लेने महाराष्ट्र से एमपी आया कॉन्ट्रैक्टर पर मिली मौत, पुलिस ने मास्टरमाइंड को पकड़ा
Contractor came to MP from Maharashtra to buy cheap gold but was killed, police caught the mastermind

खरगोन/मध्य प्रदेश। खरगोन जिले के सनावद थाना क्षेत्र में महाराष्ट्र के ठेकेदार की हत्या के मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है। मृतक ने सस्ते सोने के लालच के चक्कर में अपनी जान तक गंवा दी थी। वहीं, हत्यारों ने उसके लाए पैसे का बंटवारा कर लिया था। इस हत्या में दो आरोपी पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था। एसपी धर्मराज मीणा ने बताया कि महाराष्ट्र के कॉन्ट्रैक्टर किशोर लोहकरे (40 साल) की हत्या का मास्टरमाइंड गिरफ्तार कर लिया गया। कॉन्ट्रैक्टर छत्रपति संभाजी नगर (औरंगाबाद) के एमआईडीसी वालूज थाना क्षेत्र के कमलापुर का रहने वाला था। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर पेशे से ड्राइवर तुलसीराम सोलंकी और एक अन्य सहयोगी सरदार जमरे को देशगांव के ब्रिज के पास गिरफ्तार कर लिया गया है।
इस मामले में मृतक किशोर के ड्राइवर जावेद शेख और घटना में शामिल तुलसीराम के पुत्र मुकेश सोलंकी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, तुलसीराम का दामाद कमलेश पाटीदार फिलहाल फरार है। तुलसीराम का कमलापुर जाने के दौरान कॉन्ट्रैक्टर किशोर के ड्राइवर जावेद से परिचय हुआ था। तुलसीराम ने उसे अफसर उर्फ बाबा से मिलवाया था। तुलसीराम ने जावेद और अफसर से कहा था कि उसके दामाद रतलाम निवासी कमलेश को खजाने में बहुत सारा सोना मिला है। यदि यह सोना किसी बड़ी पार्टी को चाहिए तो वह इसे सस्ते में दे देंगे। उसने कमलेश पाटीदार के व्हाट्सएप पर सोने के फोटो भी दिखाए थे।
यह बात दोनों ने किशोर को बताई। किशोर लालची प्रवृत्ति का व्यक्ति था। उसने घर से 10 लाख रुपए मंगवाए और जावेद को लेकर तुलसीराम से सोना खरीदने खंडवा आ गया था। इस दौरान किशोर ने तुलसीराम को बताया कि उसके पास ज्यादा राशि है। यदि वह और सोना लेकर आएगा तो वह उसे भी खरीद लेगा। आरोपियों ने पैसे के लालच में किशोर की 27 सितंबर 2024 को हत्या कर दी। इस शव को पेट्रोल से जलाने की कोशिश की थी। सनावद पुलिस ने किशोर का शव 9 अक्टूबर 2024 को ग्राम बिंजलवाड़ा के समीप जंगल में बरामद किया था।
सनावद के थाना प्रभारी इंद्रेश त्रिपाठी ने बताया कि सभी आरोपियों ने 10 लाख रुपए बांट लिए थे। इतना ही नहीं तुलसीराम ने उससे एक बाइक भी खरीद ली थी जिसे भी जब्त कर लिया गया है। किशोर शिवसेना (यूबीटी) से जुड़ा हुआ था। हालांकि उसके सभी पॉलिटिकल पार्टीज से अच्छे संबंध थे।




