गाजियाबाद में 10 हजार लोगों के साथ ‘हेरा-फेरी’, 20 करोड़ रुपये लेकर चिटफंड कंपनी के मालिक फरार

गाजियाबाद। विजयनगर थाने के सामने चार साल पहले बनाई कंपनी रायल फाइन इंडिया निधि लिमिटेड ने पूरे जिले के करीब दस हजार छोटे-बड़े जमाकर्ताओं से करोड़ों रुपये जमा कराए और संचालक कंपनी बंद कर फरार हो गए। कंपनी में मौजूदा समय में तीन निदेशक हैं। पुलिस को शुरूआती जांच में पता चला है कि कंपनी का एक निदेशक विदेश भाग गया है।
रजिस्ट्रार आफ कंपनीज के कानपुर कार्यालय में चार अक्टूबर 2019 को सैयद मोहम्मद जफीर ने रायल फाइन इंडिया निधि लिमिटेड कंपनी पंजीकृत कराई। कंपनी का अधिकृत शेयर कैपिटल पांच लाख रुपये है। कंपनी वित्तीय कामकाज से जुड़े काम के लिए पंजीकृत कराई गई। कंपनी में धनराशि लगाने वालों का कहना है कि बैंक जहां आरडी और एफडी पर सालभर में सात प्रतिशत या साढ़े सात प्रतिशत तक ब्याज देते हैं वहीं यह कंपनी 8.45 प्रतिशत ब्याज दे रही थी। रुपये जमा करने के लिए भी जाना नहीं पड़ता। कंपनी का कलेक्शन एजेंट जमाकर्ता के दरवाजे पर आकर रोजाना रुपये लेता और मोबाइल पर भी रुपये जमा होते ही मैसेज आ जाता। निवेशकों को भरोसा दिलाया गया कि कंपनी पंजीकृत है और सरकार की सभी शर्तों का पालन करते हुए चल रही है।
तुराबनगर के 200 से ज्यादा जमाकर्ता
शहर के प्रमुख बाजार तुराबनगर के 200 से ज्यादा जमाकर्ताओं ने रोजाना 100 रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक जमा करने के लिए खाता खोला हुआ है। तुराबनगर के व्यापारी उमंग गोयल के मुताबिक उनकी दुकान के पास कई दुकानदारों ने खाते खुलवाए हुए थे। ऐसे में उनके पिता ने भी खाता खुलवा दिया।
जमाकर्ताओं को पासबुक भी जारी की गईं
कंपनी ने जमाकर्ताओं का भरोसा जीतने के लिए पासबुक भी जारी की हुई हैं। उनके मोबाइल पर भी मैसेज आते हैं। अधिकांश लोग एक दूसरे को देखकर रकम जमा करने को तैयार हुए।

 

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