लोकतंत्र और राष्ट्रवाद के वास्तविक रक्षक बनें आईआईएस अधिकारी: उपराष्ट्रपति धनखड़

नयी दिल्ली। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने बुधवार को भारतीय सूचना सेवा (आईआईएस) के परिवीक्षाधीन अधिकारियों के एक समूह के साथ संवाद किया और उन्हें ‘‘लोकतंत्र एवं राष्ट्रवाद के वास्तविक रक्षक’’ बनने को कहा। उपराष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक धनखड़ ने कोविड-19 महामारी के दौरान भ्रामक सूचना से लड़ने और टीका संबंधी हिचकिचाहट को दूर करने में आईआईएस अधिकारियों की भूमिका की प्रशंसा की। उन्होंने प्रशिक्षुओं से कहा, ‘‘हमेशा सतर्क रहें क्योंकि चीजें इन दिनों एक सेकंड में वायरल हो रही हैं।’’

भारतीय सूचना सेवा के अधिकारी भारत सरकार के मीडिया प्रबंधक होते हैं। वे सूचना के प्रसार और विभिन्न सरकारी नीतियों और योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के माध्यम से सरकार और लोगों के बीच एक महत्वपूर्ण संचार कड़ी के रूप में कार्य करते हैं। धनखड़ ने भारत को अवसरों और निवेश की भूमि के रूप में वर्णित किया तथा इन शक्तियों को आगे बढ़ाने में प्रभावी संचार की भूमिका पर प्रकाश डाला। ‘‘सूचनाओं की डंपिंग’’ को ‘‘आक्रमण का एक और तरीका’’ बताते हुए उन्होंने इसे बेअसर करने के लिए साहसिक और प्रभावी कदम उठाने का आह्वान किया।

उपराष्ट्रपति ने भारत के विकास की कहानी को धीमा करने के लिए छेड़छाड़ की गई कहानियों का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए सतर्क रहने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया। उन्होंने युवा अधिकारियों से कहा, ‘‘हमारे पास अब देरी से प्रतिक्रिया की सुविधा नहीं है।’’ इस अवसर पर उपराष्ट्रपति के सचिव सुनील कुमार गुप्ता, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव अपूर्व चंद्रा, आईआईएमसी के महानिदेशक प्रोफेसर संजय द्विवेदी, 2020, 2021 और 2022 बैच के आईआईएस अधिकारी प्रशिक्षु और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button