दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी की हत्या का आरोपी तेलंगाना से गिरफ्तार

दिल्ली ब्यूरो। दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या कई आरोपियों ने धारदार हथियार से 52 बार वार कर की थी। हत्या करने के बाद आरोपियों ने अंकित शर्मा के शव को नाले में फेंक दिया था। ये खुलासा अंकित शर्मा की हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपी मुंजताजिम उर्फ मूसा कुरेशी (34) ने किया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मुंजताजिम को तेलंगाना से गिरफ्तार किया है। आरोपी दिल्ली दंगों के समय से ही फरार था और दिल्ली पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम रखा हुआ था। आरोपी के खिलाफ अपहरण कर दुष्कर्म का मामला पहले से दर्ज है।
स्पेशल सेल डीसीपी पीएस कुशवाह के अनुसार, उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फरवरी, 2020 में हुए दंगों में कई लोगों की हत्या की गई थी और काफी लोग घायल हुए थे। चांद बाग पुलिस खजूरी नाला, मेन करावल नगर में आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या की गई थी। आरोपियों ने अंकित शर्मा का शव चांदबाग नाले में फेंक दिया था। दिल्ली पुलिस ने अंकित शर्मा की हत्या मामले में आम आदमी पार्टी के तत्कालीन निगम पार्षद ताहिर हुसैन समेत दिल्ली दंगों के 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ था कि अंकित शर्मा के ऊपर धारदार हथियारों से 52 बार वार किए गए थे। जांच में पता लगा कि मुंजताजिम भी दिल्ली दंगों का आरोपी है और फरवरी, 2020 से ही फरार है। कोर्ट ने आरोपी को 5 जनवरी, 2021 को भगोड़ा घोषित कर दिया था। दिल्ली पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया था।
एसीपी ललित मोहन नेगी की टीम को पता लगा कि आरोपी मुंजताजिम पिछले छह महीने से तेलंगाना में रह रहा है। एसीपी ललित मोहन नेगी की देखरेख में इंस्पेक्टर प्रवीण दुग्गल, राकेश राणा और सुरेंद्र शर्मा की टीम को तेलंगाना भेजा गया। पुलिस टीम ने उसे गायत्री नगर, तेलंगाना से फिरदौस मस्जिद के पास, गली नंबर-8, चांद बाग, दिल्ली निवासी मुंजताजिम को 10 अक्तूबर को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी मुंजताजिम उर्फ मूसा कुरेशी के खिलाफ अपहरण कर दुष्कर्म का मामला पहले से दर्ज है। वह अपहरण कर दुष्कर्म के मामले में जेल गया। जेल में इसकी मुलाकात बरेली, यूपी के बदमाश मुजीब से जान-पहचान हुई। जेल से बाहर आने के बाद ये छोटा-मोटा अपराध करने लगा। वर्ष 2018 में ये पत्नी के साथ मुंबई चला गया था। जब ये दिल्ली आया तो अपने दोस्त सलमान उर्फ हसन उर्फ मुल्ला उर्फ नन्हे व समीर से मिला। 24 फरवरी, 2020 को इसके दोस्त उसके घर पहुंचे और दंगों में शामिल होना तय हुआ। अगले दिन ये फिरदौस मस्जिद के पास पहुंचे और अंकित शर्मा की हत्या कर दी। पुलिस ने इसके दोनों दोस्तों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। मुंजताजिम के खिलाफ पांच आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं।




