बागेश्वर सरकार के दिव्य दरबार में श्रद्धालु महिला को उठाकर फेंकने पर केस दर्ज, दरोगा निलंबित

ग्रेटर नोएडा। जैतपुर मेट्रो डिपो के पास बागेश्वर धाम सरकार के दिव्य दरबार में महिला को उठाकर बैरिकेड के बाहर फेंकने के मामले में पुलिस ने सेवादार के खिलाफ केस दर्ज किया है। वहीं, घटना के दौरान मूकदर्शक बने दरोगा रमाशंकर उपाध्याय को निलंबित कर दिया गया। वीडियो के आधार पर पुलिस आरोपी सेवादार की पहचान और गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है। बृहस्पतिवार को पुलिस ने कार्यक्रम की पूरी व्यवस्था अपने हाथों में ले ली। सख्ती की वजह से श्रद्धालुओं की संख्या कम रही और आने वाले लोग पुलिस की कार्यशैली देख लौट गए।
सूरजपुर कोतवाली में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में सब इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि वह धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में बुधवार को ड्यूटी प्रभारी के रूप में मौजूद था। तभी एक वायरल वीडियो से पता चला कि दिव्य दरबार के आयोजन के दौरान एक महिला ने बैरिकेड पार कर धीरेंद्र शास्त्री के करीब पहुंचने की कोशिश की। इस एक सेवादार ने उसे उठाकर बैरिकेड के दूसरी ओर फेंक दिया। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था की चाक-चौबंद
बुधवार को दिव्य दरबार के दौरान हुई अव्यवस्था के बाद बृहस्पतिवार को पुलिस ने कार्यक्रम की पूरी व्यवस्था अपने हाथ में ले ली। अधिकारियों ने हर गेट पर जांच के बाद ही लोगों को प्रवेश करने दिया। हालांकि वीवीआईपी पास होने के बावजूद काफी लोगों को लौटा दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि आयोजन स्थल पर चार डीसीपी, आठ एडीसीपी, 10 एसीपी, 18 इंस्पेक्टर, 1200 जवान, दो कंपनी पीएसी और 150 पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में तैनात किए गए। आरोपी सेवादार के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा। वहीं, अपने कर्तव्य का सही ढंग से निर्वहन नहीं करने पर दरोगा को निलंबित कर दिया गया। – अनिल यादव, डीसीपी सेंट्रल नोएडा
पहले ही मिल गए थे व्यवस्था बिगड़ने के संकेत
दिव्य दरबार के दौरान भारी अव्यवस्था देखने को मिली है, लेकिन इसके संकेत कार्यक्रम की शुरुआत में ही मिल गए थे। खुद को आयोजक होने का दावा कर नरेश ठाकुर ने प्रेसवार्ता में दूसरे आयोजकों द्वारा जारी वीआईपी पास रद्द करने की बात कही थी। उनका कहना था कि उन्हें जानकारी दिए बिना ही बड़ी संख्या में पास जारी कर दिए गए हैं। इस मामले की शिकायत पुलिस से भी की गई थी। इसके बाद ही व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताई जा रही थी।

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