गोरखपुर में सॉफ्टवेयर में हेराफेरी कर दो करोड़ का गबन करने वाला कैशियर गिरफ्तार
चार अन्य कर्मचारियों की तलाश में दबिश

गोरखपुर/उत्तर प्रदेश। शहर के प्रतिष्ठित कपड़ा कारोबार से जुड़े संगम साड़ी सेंटर में करीब दो करोड़ रुपये के गबन के मामले में कैंट थाना पुलिस ने देवरिया जिले के रहने वाले आरोपित कैशियर को गिरफ्तार कर लिया है। साफ्टवेयर में हेराफेरी कर फर्जी बिलिंग के जरिए नकदी और कीमती कपड़ों का गबन करने का आरोप है। पुलिस अब इस संगठित आर्थिक अपराध में शामिल चार अन्य कर्मचारियों की तलाश में जुटी है।
गोरखनाथ थाना क्षेत्र के मिर्जापुर पचपेड़वा निवासी कारोबारी प्रदीप टेकरीवाल की पत्नी वंदना टेकरीवाल ने कैंट थाना पुलिस को तहरीर देकर में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। तहरीर में बताया गया कि उनकी गोलघर स्थित मेन ब्रांच संगम साड़ी सेंटर और गोरखनाथ क्षेत्र में गीता होलसेल मार्ट के सामने स्थित दूसरी शाखा पर प्रतिदिन बड़े पैमाने पर बिक्री होती है। हाल ही में जब स्टाक का मिलान कराया गया तो माल और नकदी में भारी अंतर सामने आया, जिससे संदेह गहराया। इसके बाद पर्चेज, बिक्री और बिलिंग साफ्टवेयर की गहन जांच कराई गई। जांच में पता चला कि कर्मचारियों ने योजनाबद्ध तरीके से साफ्टवेयर में बिल एडिट कर दिए, कुछ बिल डिलीट कर दिए गए और ग्राहकों से नकद वसूली कर रकम और माल का गबन किया गया। प्रारंभिक आकलन में गबन की राशि करीब दो करोड़ रुपये आंकी गई है।
जांच के दौरान रवि प्रताप विश्वकर्मा, लक्की शर्मा, सूरज जायसवाल, प्रियेश सिंह और सेल्समैन प्रशांत नायक के नाम सामने आए। आरोप है कि सभी ने मिलकर अलग-अलग तिथियों में दोनों दुकानों से नकदी और कीमती साड़ियों का गबन किया। जब संचालिका ने इस संबंध में कर्मचारियों से जवाब-तलब किया तो आरोपियों ने गाली-गलौज की और जान-माल की धमकी देते हुए दुकान बंद करा देने की बात कही, जिसके बाद वे सभी काम छोड़कर फरार हो गए। मंगलवार को कैंट थाना पुलिस ने देवरिया जिले के तरकुलहा स्थित महुवा बजरट्टा निवासी प्रियेश सिंह को गिरफ्तार किया। एसपी अभिनव त्यागी ने बताया कि अन्य आरोपितों की तलाश में चल रह है।




