‘जयपुर अजमेर नेशनल हाईवे पर बंद करें टोल वसूली’ एडिशनल एसपी ने एनएचएआई को लिखा पत्र

जयपुर,(राजस्थान)। देश के सभी नेशनल हाइवेज से गुजरने वाले वाहनों से रोजाना टोल वसूला जाता है। टोल वसूली के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से निजी कंपनियों को टेंडर दिए गए हैं, जो हाईवेज पर टोल नाके लगाकर प्रत्येक वाहन से टोल वसूलते हैं। जयपुर ग्रामीण पुलिस के एडिशनल एसपी दिनेश शर्मा ने एनएचएआई को पत्र लिखकर जयपुर अजमेर नेशनल हाईवे पर टोल वसूली बंद करने की मांग की है। दिनेश शर्मा ने 4 जुलाई को पत्र लिखा था। अभी तक एनएचएआई की ओर से कोई जवाब नहीं आया है।
नेशनल हाईवेज के निर्माण की लागत वसूलने और हाईवेज के मेंटिनेस के लिए एनएचएआई की ओर से टोल वसूला जाता है। निजी कंपनियों को टेंडर देकर हाईवे से गुजरने वाले प्रत्येक वाहन से टोल वसूली होती है। कई बार सवाल उठाए जाते हैं कि सड़क निर्माण से ज्यादा टोल वसूली के बाद भी टोल वसूली बंद नहीं की गई। दरअसल निर्माण से ज्यादा होने वाली वसूली से सरकार फंड एकत्रित करती है, जिससे हाईवेज का मेंटिनेस करने के साथ ही फंड की राशि से नई सड़कों का निर्माण भी कराया जाता है।
एनएचएआई को पत्र लिखने वाले एडिशनल एसपी दिनेश शर्मा का कहना है कि जयपुर अजमेर नेशनल हाईवे पर जयपुर से अजमेर के बीच 6 फ्लाई ऑवर का कार्य निर्माणाधीन है। दूदू से लेकर जयपुर के बीच 4 स्थानों पर फ्लाई ऑवर बनाए जा रहे हैं। निर्माण कार्य के कारण मुख्य सड़कों से वाहन गुजर नहीं पाते हैं। वाहनों के संचालन के लिए समानान्तर रास्ते बनाए गए हैं, जहां वाहन रेंग-रेंग कर चलने को मजबूर हैं।
शर्मा ने बताया कि बगरू के पास एक टोल नाका है, जहां रोजाना 10 से 15 किलोमीटर तक वाहनों की लाइनें लग जाती है। पिछले 6 महीने से निर्माण कार्य चल रहा है। इससे ट्रैफिक व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। ऐसे में एनएचएआई से टोल वसूली बंद करने का आग्रह किया गया है।




