137 साल बाद गोरखपुर रेलवे स्टेशन में होगा बड़ा बदलाव, 693 करोड़ खर्च होने के बाद देखेगी दुनिया

- गोरखपुर रेलवे स्टेशन के लिए 693 करोड़ का बजट
- स्टेशन पर मिलेगी होटल, रेस्टोरेंट समेत कई सुविधाएं
- गोरखपुर समेत आसपास के लोगों को रोजगार का मौका
गोरखपुर,(उत्तर प्रदेश)। पूर्वोत्तर रेलवे का मुख्यालय गोरखपुर अपनी स्थापना के समय से ही पुनर्विकास की बाट जो रहा है। अब पुनर्निमाण की योजना को पंख लगने वाले हैं। रेल मंत्रालय से स्वीकृति मिल चुकी है, जल्द ही गोरखपुर रेलवे स्टेशन के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। अगले 2 से 3 वर्षों में इसके नए स्वरूप को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस कर यात्रियों और शहरवासियों की सुविधाजनक यात्रा के लिए पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए 693 करोड़ के बजट की भी मंजूरी दी गई है।
1885 के दौरान अस्तित्व में आने के बाद से गोरखपुर रेलवे स्टेशन अपने पुनर्विकास की बाट जोह रहा था। अब इंतजार की घड़ियां समाप्त हो चुकी है। 137 वर्ष बाद गोरखपुर जंक्शन का पुनर्निर्माण होने जा रहा है। स्टेशन को अत्याधुनिक और बेहतर सुविधाओं से लैस बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। रेल मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद डीपीआर तैयार कर मंत्रालय को भेजा जा चुका है। डीपीआर फाइनल होते ही टेंडर की प्रक्रिया पर काम शुरू हो जाएगा। अगस्त में टेंडर खुलेगा और एजेंसी फाइनल होने के बाद प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा। आगामी 2 से 3 वर्षों में प्रोजेक्ट को पूरा करने की प्रक्रिया पर काम शुरू हो चुका है। प्रोजेक्ट के लिए 693 करोड़ रुपए की मंजूरी रेल मंत्रालय से मिल चुकी है। टेंडर के बाद अगस्त में निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी।
होटल और रेस्टोरेंट भी बनेंगे
इस योजना से यहां यात्रियों और शहर वासियों को अत्याधुनिक, बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। साथ ही लोगों के लिए रोजगार के मौके बढ़ेंगे। स्टेशन के दोनों तरफ कमर्शियल ब्लॉक बनाए जाएंगे। यहां अत्याधुनिक और कमर्शियल जन सुविधा उपलब्ध होंगी। होटल, रेस्टोरेंट के साथ कमर्शियल स्टोर भी बनाए जाएंगे।
डीपीआर रेलवे बोर्ड को भेजा
पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि स्टेशन को मॉडल बनाने की तैयारी तो पहले ही शुरू हो चुकी है। डीपीआर तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेजा जा चुका है। टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। निविदा प्रकाशन के लिए भेजी जा चुकी है। अगस्त तक टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद एजेंसी निर्धारित होते ही काम शुरू हो जाएगा। प्रोजेक्ट का बजट लगभग 693 करोड़ है। रेल मंत्रालय की तरफ से इसकी स्वीकृति मिल चुकी है।
50 साल आगे का विजन
पंकज कुमार ने बताया कि गोरखपुर स्टेशन पूर्वांचल के बहुत बड़े क्षेत्र को कवर करता है। स्थानीय पहचान के साथ यहां की प्रमुख चीजों और मॉर्डन आर्ट के अलावा आने वाले 50 सालों तक लोगों की आवश्यकताओं की पूर्ति को ध्यान में रखते हुए मॉडल तैयार किया गया है। ये बेहद आईकॉनिक होगा। रेस्टोरेंट, होटल, अत्याधुनिक डिपार्टमेंटल स्टोर, कमर्शियल स्टोर के साथ रिटेल दुकानें भी होंगी। इस प्रोजेक्ट से गोरखपुर में रोजगार के मौके भी पैदा होंगे। वहीं गोरखपुर स्टेशन परिसर में दो प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे।




