दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इंटरनेशनव कॉल सेंटर रैकेट का किया भंडाफोड़

विजय लक्ष्मी पाण्डेय,(नई दिल्ली)। स्पेशल सेल की आईएफएस की टीम ने फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) और इंटरपोल की मदद से सरगना समेत चार इंटरनैशनल ठगों को गिरफ्तार किया है। यह लोग अमेरिकी नागरिकों को चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामले में फंसाने की धमकी देकर उनसे लाखों डॉलर वसूलते थे। चारों युगांडा, कनाडा और भारत में कॉल सेंटर चलते थे और अमेरिकी नागरिकों को टारगेट करते थे।
चाइल्ड पॉर्नोग्राफी विडियो केस का देते थे झांसा
आरोपी वॉशिंगटन इंटरपोल के डायरेक्टर और ड्रग इनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (डीईए) के डॉ. उत्तम ढिल्लों के नाम से अमेरिकी नागरिकों से कहते थे कि जांच के दौरान चाइल्ड पॉर्नोग्राफी से संबंधित कुछ विडियो मिली है। उनमें उनका नाम भी आ रहा है। यह गंभीर अपराध है, जिसमें वह बुरी तरह से फंस सकते हैं। फिर मामला रफा दफा करने के लिए लाखों डॉलर की मांग करते थे। स्पेशल सेल के स्पेशल सीपी हर गोविंद सिंह धालीवाल ने बताया कि ठगों की पहचान अहमदाबाद निवासी पार्थ अमरकर (28) वत्सल मेहता (29), जनकपुरी निवासी दीपक अरोड़ा (45) और डाबड़ी महावीर एनक्लेव निवासी प्रशांत कुमार (45) के तौर पर हुई है।
इंटरपोल अधिकारी के नाम पर करते थे डील
पूछताछ में पता चला कि यह लोग एक लाख डॉलर से कम में डील नहीं करते थे। अमेरिकी नागरिकों को डराने के लिए यह लोग उत्तम ढिल्लों नाम के अधिकारी के नाम का इस्तेमाल करते थे। उत्तम ढिल्लों इंटरपोल के अधिकारी हैं। जब कोई इनके चंगुल में फंस जाता तो वह लोग पीड़ित से सोना, डॉलर, क्रिप्टो करेंसी या अन्य किसी तरह से पैसे वसूलते थे। ये लोग भारत और युगांडा में कई जगह अपने कॉल सेंटर के जरिए कॉल करके उन्हें अपने चंगुल में फंसाते थे।
अरबों की ठगी, 50 पीड़ित आ चुके हैं सामने
स्पेशल सीपी धालीवाल ने बताया कि एफबीआई ने दिल्ली पुलिस के साथ कुछ सूचना शेयर की। इसमें बताया गया कि कई पीड़ितों से 10 मिलियन डॉलर की वसूली की गई थी। दिल्ली पुलिस को बताया गया कि पार्थ अमरकर नाम का व्यक्ति खुद को उत्तम ढिल्लों बताते हुए लोगों को कॉल करके उन्हें अपने चंगुल में फंसा रहा है। पुलिस ने इसके बारे में जानकारी जुटाई तो पता चला कि वह गुजरात का रहने वाला है। अमेरिका, युगांडा आदि देशों की यात्रा करता रहता है। उसे अहमदाबाद से गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर वत्सल मेहता, दीपक अरोड़ा और प्रशांत कुमार को भी अहमदाबाद और उत्तराखंड से गिरफ्तार कर लिया गया। वत्सल मेहता गिरोह का सरगना है। एफबीआई ने अभी तक 50 पीड़ितों से पूछताछ की है। ठगों ने अपने शिकार की तलाश के लिए पूरी रिसर्च टीम रखी है। यह लोग सोशल मीडिया से लेकर कई अन्य तरीकों से ऐसे लोगों की पहचान करते हैं, जो चाइल्ड पोर्नोग्राफी की वेबसाइट पर विजिट करते थे।




