निवाड़ी थाने में पिटाई करते कैमरे में कैद हुए पुलिसकर्मी, सामने आई फुटेज,अमित चौधरी की मौत पर बढ़ा आक्रोश

अमित चौधरी की मौत के मामले में निवाड़ी थाने में पुलिस पिटाई का वीडियो वायरल हुआ है। मुरादनगर सीएचसी से भागते समय ट्रक की चपेट में आने से अमित की मौत हुई थी। परिजनों और अंतर्राष्ट्रीय जाट संसद ने पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने और सीबीआई जांच की मांग की है।
मोदीनगर/गाजियाबाद। गाजियाबाद के मुरादनगर सीएचसी में पुलिस की पकड़ से छूटकर ट्रक की चपेट में आकर जान गंवाने वाले अमित चौधरी को निवाड़ी थाने में पुलिसकर्मियों द्वारा पीटने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो में पुलिसकर्मी अमित को थप्पड़ जड़ते दिख रहे हैं।
इस प्रकरण को लेकर लोगों में पुलिस कार्यशैली के खिलाफ रोष बढ़ता ही जा रहा है। सोमवार को अमित की तेरहवीं के बाद पतला में पंचायत हुई, जिसमें पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई को लेकर आंदाेलन की रूपरेखा तैयार की गई। अंतर्राष्ट्रीय जाट संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनु चौधरी के नेतृत्व में लोग निवाड़ी थाने पहुंचे और प्रदर्शन किया। अमित की मौत के मामले में दर्ज मुकदमे को हत्या की धारा में तरमीम कर पुलिसकर्मियों का नाम बढ़ाने की मांग की गई।
एसीपी ने किसी तरह पदाधिकारियों को शांत किया। काफी देर तक उनकी पुलिस के साथ वार्ता हुई। एसीपी ने जांच में सभी तथ्यों को शामिल कर कार्रवाई कराने का भरोसा दिया। पतला के लोगों का कहना है कि थाने में पिटाई से अमित को चोट आई, इसलिए उसका उपचार कराने के लिए पुलिस सीएचसी मुरादनगर लेकर गई। यहां घबराकर अमित पुलिस की पकड़ से छूटकर भागा। अमित की मौत में निवाड़ी पुलिस जिम्मेदार है।
निवाड़ी थाना क्षेत्र के कस्बा पतला के अमित कुमार नगर पंचायत पतला में आउटसोर्सिंग कर्मचारी थे। सात अप्रैल की रात वे अपने साथियों के शराब पी रहे थे। गस्त के दौरान पुलिस वहां पहुंची और अमित को पकड़कर थाने ले आई। मुरादनगर सीएचसी में मेडिकल परीक्षण के लिए पुलिस लेकर गई। इसी बीच अमित पुलिस की कार से कूदकर दिल्ली मेरठ मार्ग की तरफ भागा, यहां ट्रक की चपेट में आकर घायल हो गया था। 12 अप्रैल को उपचार के दौरान अमित की मौत हो गई। लापरवाही बरतनें पर डीसीपी ग्रामीण ने दो दारोगा, एक हेड कॉन्स्टेबल व एक सिपाही को निलंबित किया। अमित के पिता सुभाष की तहरीर पर अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या के प्रयास की धारा में केस दर्ज किया गया है।
प्रकरण में निवाड़ी पुलिस की भूमिका जांच के घेरे में हैं, ऐसे में प्रकरण में दर्ज मुकदमे की विवेचना को मोदीनगर पुलिस को सौंपा गया है। मोदीनगर पुलिस को अमित की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से मौत का सही कारण पता चलेगा, तभी पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। निवाड़ी थाने में मनु चौधरी व पतला के लोगों के द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को नामांकित ज्ञापन एसीपी मोदीनगर को दिया गया। जिसमें आरोप है कि पुलिस की पिटाई से अमित की मौत हुई है। पुलिस खुद को बचाने के लिए घटना को हादसा दिखा रही है। प्रकरण की जांच सीबीआई या कई किसी जांच एजेंसी से कराने की मांग की गई है। ध्यान रहे कि प्रकरण में सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान भी मुख्यमंत्री को पत्र लिख चुके हैं।





