बिना लाइसेंस इंडियामार्ट पर बिक रहा डायबिटीज का नकली इंजेक्शन, चीन से माल मंगाकर घर में बनाता था ‘जहर’

गुरुग्राम में नकली माउनजारो इंजेक्शन बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। आरोपी अवि शर्मा चीन से कच्चा माल मंगाकर इंडियामार्ट के माध्यम से ऑनलाइन इंजेक्शन बेचता था।

गुरुग्राम। नकली माउनजारो इंजेक्शन तैयार करने के लिए आरोपित अवि शर्मा अलीबाबा वेबसाइट के माध्यम से कच्चा माल चीन से मंगाता था। इसके बाद अपने घर पर माउनजारो इंजेक्शन तैयार करता था। वह इंजेक्शन इंडियामार्ट के माध्यम से ऑनलाइन बेचता था। शनिवार रात जिला औषधि नियंत्रण एवं पुलिस महकमे की संयुक्त टीम ने जिले में नकली माउनजारो इंजेक्शन के कारोबार का भंडाफोड़ किया है।
भंडाफोड़ के कुछ ही घंटे के भीतर मुख्य आरोपित सोहना के सेक्टर-दो निवासी अवि शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया। वह पांच दिन की रिमांड पर है। ये इंजेक्शन टाइप-2 डायबिटीज नियंत्रित करने और मोटापा कम करने के लिए उपयोग में आता है।
पूछताछ के दौरान शर्मा ने स्वीकार किया कि वह इंजेक्शन इंडियामार्ट के माध्यम से ऑनलाइन बेचता था। जब उसके सेक्टर-62 स्थित एक सोसायटी के टावर नंबर -1 के फ्लैट नंबर 605 में जांच टीम पहुंची, तो वहां से 20 इंजेक्शन और पैकिंग डिब्बे तथा बैच (मार्का) व इंजेक्शन तैयार करने का कच्चा माल मिला।
जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी अमनदीप चौहान का कहना है कि पकड़े गए नकली इंजेक्शनों की जांच कराई जाएगी कि उसके अंदर दवा सही थी या नहीं। शक है कि दवा सही नहीं भी हो सकती। इसलिए यह इंजेक्शन घातक हो सकता है।
यह सब जांच के बाद ही बताया जा सकता है। अवि शर्मा सिरिंज से दवा भरता था और इंजेक्शन तैयार करता था। फिर नकली मार्का लगाकर तैयार करता था। वह चीन से वह मशीन भी मंगवाने की फिराक में था, जिससे इंजेक्शन बनाया जा सकता है। इंडियामार्ट से भी पूछा जाएगा कि जब लाइसेंस नहीं था तो इंजेक्शन बेचने के लिए वेबसाइट क्यों दी?
एक इंजेक्शन की कीमत 27 से 28 हजार रुपये
बाजार में एक इंजेक्शन की कीमत 27 से 28 हजार रुपये तक है। मूल रूप से डायबिटीज के इलाज के लिए बनी यह दवा अब वजन घटाने के लिए भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रही है, जिससे मांग बढ़ी है। अभी तक कितने इंजेक्शन बेचे गए हैं, यह पूछताछ से सामने आएगा। यह सामने आ चुका है कि यह अवि शर्मा को नकली इंजेक्शन बनाते हुए अधिक समय नहीं हुआ है।
इटली से आता है असली इंजेक्शन?
असली माउनजारो इंजेक्शन भारत में बिक्री के लिए इटली से तैयार होकर आता है। यह यूएसए की कंपनी है। कंपनी को सूचित किया गया है कि यहां पर नकली इंजेक्शन पकड़े गए हैं। ऐसे में कंपनी को स्वयं भी जांच करनी चाहिए थी कि उनके इंजेक्शन की कहीं पर आनलाइन बिक्री हो रही है या नहीं। डाक्टर की सलाह पर ही इंजेक्शन प्रयोग करना चाहिए और आनलाइन खरीद करने के बजाए, मेडिकल स्टोर से खरीदना चाहिए। खरीदने पर बिल साथ लेना चाहिए। इससे नकली इंजेक्शन खरीदने से बचा जा सकता है।

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