न चालान का डर और न सवारियों की चिंता, शहर में बगैर नंबर प्लेट के दौड़ रहे ई-रिक्शा

Neither fear of challan nor concern for passengers, e-rickshaws running in the city without number plates

नोएडा। शहर में आम आदमी के लिए आने-जाने का सबसे आसानी से उपलब्ध होने वाला साधन ई-रिक्शा है। मेट्रो स्टेशन से लेकर हर सेक्टर और सड़क पर ई-रिक्शा चल रहे हैं। हालांकि ई-रिक्शा की संख्या कोई सीमित नहीं है। अब यह भी दिख रहा है कि बड़ी संख्या में ई-रिक्शा बगैर नंबर प्लेट के चलाए जा रहे हैं। इन पर सवारियां बैठकर सफर कर रही हैं। अगर कोई भी घटना इन ई-रिक्शा से हो जाए तो यह भी नहीं पता चलेगा कि इनका चालक कौन है, ई-रिक्शा किसके नाम पर है। न ही बगैर नंबर का ई-रिक्शा होने के कारण इनको चलाने वाले पर कार्रवाई की जा सकेगी।
खुलेआम बगैर नंबर प्लेट वाले ई-रिक्शा चल रहे हैं। सेक्टर-15, 16, 18, 52, 51 मेट्रो स्टेशन से बगैर नंबर प्लेट के ई-रिक्शा चलते हुए दिख रहे हैं। वहीं सेक्टर-1 गोल चक्कर से झुंडपुरा तिराहा, सेक्टर-16 चौराहे से 12-22-56 तक, सेक्टर-12-22 से सिटी सेंटर तक, भंगेल-बरौला रोड, फेज-2 समेत अन्य जगहों पर भी ई-रिक्शा बगैर नंबर प्लेट के चलते हुए दिख रहे हैं। कहीं पर गौर कर के देखने पर चौथा या पांचवां ई-रिक्शा बगैर नंबर प्लेट का मिल रहा है।
ई-रिक्शा बनाने की अधिकृत या रजिस्टर्ड एजेंसी नहीं हैं। पूरे जिले में जगह-जगह ई-रिक्शा बेचने की दुकानें खुलती चली जा रही हैं। इन दुकानों पर 10-20 हजार रुपये लेकर बगैर रजिस्ट्रेशन, फिटनेस, इंश्योरेंस के ई-रिक्शा दे दिया जा रहा है। इन दुकानों को कौन सीमित करेगा जिला प्रशासन से लेकर परिवहन विभाग या ट्रैफिक पुलिस तक कोई जिम्मेदारी नहीं तय है। यही स्थिति सेकंड हैंड ई-रिक्शा की बिक्री का है। सेकंड हैंड ई-रिक्शा का न तो कोई कागज दिया जाता है और न ही कोई उसकी लिखापढ़ी होती है।
ऑटो-टैक्सी से ज्यादा हुई ई-रिक्शा की संख्या
शहर में ई-रिक्शा की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। बड़ी संख्या में बगैर रजिस्ट्रेशन के ई-रिक्शा चल रहे हैं। वहीं जिनका रजिस्ट्रेशन हो रहा है उनके आकड़े भी ऑटो और प्राइवेट टैक्सी को पीछे छोड़ चुके हैं। जून-2024 तक जिले में 20 हजार 118 ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन हो चुका था। इनकी तुलना में ऑटो की संख्या 19 हजार 594 व टैक्सी की संख्या 15 हजार 366 है। शहर में ट्रैफिक नियमों का पालन हो इसके लिए ट्रैफिक पुलिस सतर्क है। ई-रिक्शा जहां पर नियमों का उल्लंघन करते हुए मिलते हैं, उन पर कार्रवाई की जाती है। बगैर रजिस्ट्रेशन या नंबर प्लेट के वाहन पर कार्रवाई परिवहन विभाग करेगा।

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