कैंसर फाउंडेशन ने दिल्ली में सेमिनार का किया आयोजन

नई दिल्ली। कैंसर को एक ऐसी बीमारी माना जाता है, जिसका कोई कारगर इलाज नहीं है। जो इलाज मौजूद हैं, वे इतने ज्यादा महंगे हैं कि एक आम आदमी इसका खर्चा नहीं उठा सकता। यही वजह है कि हर साल इस बीमारी की वजह से सैंकड़ों कैंसर मरीजों की मौत हो जाती है। ‘द कैंसर फाउंडेशन’ ऐसे मरीजों की मदद करने के लिए आगे आया है, जो इसका खर्चा नहीं उठा सकते।
दुनियाभर में जितनी मौतें दिल की बीमारी से होती हैं, उससे ज्यादा मौतें कैंसर से होती हैं। आंकड़े कहते हैं कि साल 2040 तक दुनियाभर में कैंसर के मरीजों की संख्या 2 करोड़ 80 लाख के पार पहुंच जाएगी। इस बीमारी के तेजी से बढ़ने की दो वजहे हैं, एक तो लोगों में जागरुकता की कमी है और दूसरा लोगों के पास इसके इलाज के लिए पैसा नहीं है।भारत में हालात ये है कि यहां 50 फीसदी कैंसर मरीजों के पास इलाज के लिए पैसे नहीं हैं। ऐसे में जो लोग इलाज का खर्च नहीं उठा सकते, उनकी मदद के लिए द कैंसर फाउंडेशन’ सामने आया है। ये एक ऐसा संगठन है, जिसमें जाने-माने डॉक्टर्स, आर्थिक सलाहकार और इंडस्ट्रलिस्ट शामिल हैं।
इसी के तहत द कैंसर फाउंडेशन’ ने दिल्ली में एक सेमिनार का आयोजन किया। ये सेमिनार दिल्ली के पीएचडी हाउस में आयोजित किया गया, जिसमें 3011 और 3012 जिले के रोटेरियन्स ने भाग लिया।इस कार्यक्रम के दौरान एम्स दिल्ली एवं अन्य अस्पतालों के डाक्टरों ने कैंसर पर बात की और इसे कैसे रोका जाए इस पर अपनी-अपनी राय रखी। इसी कार्यक्रम में सुशील चांडक और मीनू चांडक ने अपने दादा स्वर्गीय श्री लीलाधर जी चांडक और दादी स्वर्गीय श्रीमती पी.बी. चांडक की स्मृति में एक ट्रॉफी प्रदान की। विजेता रोटरी क्लब ऑफ एलीट के श्री दीपक जैन रहे।




