दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे ब्रिज पर पहुंचे रेलमंत्री, जम्मू-कश्मीर में जल्द पूरी होने वाली हैं कई बड़ी रेल परियोजनाएं

जम्मू-कश्मीर। जम्मू-कश्मीर में इस समय कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाएं तेजी के साथ आगे बढ़ रही हैं जिससे जल्द ही यह केंद्र शासित प्रदेश देश के बाकी हिस्सों से हर मौसम में रेल संपर्क के माध्यम से जुड़ा रहेगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव बीते सप्ताह जब जम्मू-कश्मीर के दो दिवसीय दौर पर पहुँचे तो उन्होंने निर्माणाधीन परियोजनाओं के कार्यों की समीक्षा की और विभिन्न रेलवे स्टेशनों का जायजा लेकर वहां आम लोगों तथा स्टॉल वालों से तो बातचीत की ही साथ ही रेल में सफर के दौरान उन्होंने मुसाफिरों की राय भी जानी। इसके अलावा उन्होंने एक महत्वपूर्ण ऐलान करते हुए कहा है कि उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक के पूरी तरह से परिचालन में आने के बाद जम्मू से श्रीनगर के बीच वंदे भारत मेट्रो ट्रेन का परिचालन किया जाएगा।

हम आपको बता दें कि चिनाब नदी पर दुनिया के सबसे ऊंचे मेहराब युक्त पुल पर पहली बार ट्राली चलाने के अवसर पर मीडिया को संबोधित करते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यूएसबीआरएल परियोजना इस साल दिसंबर या जनवरी 2024 में पूरी हो जाएगी। उन्होंने रेलवे अधिकारियों के साथ पटरी पर चलने वाली ट्रॉली में बैठकर चिनाब नदी पर बने 359 मीटर ऊंचे पुल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि इस प्रतिष्ठित पुल का आधार आधे फुटबॉल मैदान के बराबर है और यह ‘गर्व का विषय’ है। उन्होंने यह भी कहा कि ‘यह इंजीनियरिंग के लिए चुनौतीपूर्ण परियोजना थी।’’ रेल मंत्री ने कहा कि भूकंप के लिए अति संवेदनशील इलाके में बनाए गए इस पुल में 28 हजार मीट्रिक टन इस्पात का इस्तेमाल किया गया है।

हम आपको यह भी बता दें कि उत्तर रेलवे के अधिकारियों ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर में अंजी नदी पर इस साल मई तक भारत के पहले केबल आधारित रेल पुल के बनकर तैयार होने की उम्मीद है। अधिकारियों ने कहा कि तैयार होने के बाद जम्मू से करीब 80 किलोमीटर दूर बन रहे इस पुल पर ट्रेन 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी। हम आपको बता दें कि कटरा और रियासी स्टेशनों के बीच बनाया जा रहा अंजी पुल केंद्र-शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में पड़ता है। केबल आधारित यह रेल पुल महत्वाकांक्षी उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला-रेल लिंक परियोजना का हिस्सा है, जिसका निर्माण केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अगले साल पूरा करने की घोषणा की थी। एक अधिकारी ने कहा, ‘‘हम पहले ही 47 में से 41 खंड पर काम पूरा कर चुके हैं। हमें उम्मीद है कि शेष खंड पर काम अप्रैल के अंत तक या मई के पहले सप्ताह में पूरा कर लिया जाएगा।’’ उत्तर रेलवे के वरिष्ठ पीआरओ राजेश खरे ने बताया है कि यह पुल राज्य के विकास में मदद करेगा। उन्होंने कहा, ‘जम्मू-कश्मीर को देश से जोड़ने के लिए यह रेलवे ब्रिज बहुत महत्वपूर्ण है। यह एक ‘केबल-स्टाइल ब्रिज’ है।’

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