सीजेपी के जश्न वीडियो पर बढ़ा विवाद: सोनम वांगचुक बोले—“जीत में विनम्रता जरूरी

नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के बाद सीजेपी नेताओं के जश्न मनाने के वीडियो पर विवाद गहरा गया है, जिसमें सोनम वांगचुक ने विनम्रता की अपील की।

नई दिल्ली/एजेंसी। नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) नेताओं के जश्न मनाने का वीडियो सामने आने पर विवाद गहराता जा रहा है। विरोध-प्रदर्शन समाप्त होते ही पार्टी और नाच-गाने के वीडियो को कई लोगों ने संवेदनहीन करार दिया है।
जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल का नेतृत्व कर रहे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी सफलता के साथ विनम्रता भी जरूरी होती है। उन्होंने समर्थकों से अपील की कि जश्न मनाते समय सम्मान, संयम और जिम्मेदारी का ध्यान रखा जाए। वांगचुक ने कहा कि उपलब्धि के साथ व्यवहार की गरिमा बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
इस बीच, सीजेपी के भीतर से भी आवाजें उठने लगी हैं। पार्टी के समर्थक और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के संस्थापक सदस्य व यूट्यूबर मेघनाद ने वीडियो को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब प्रदर्शन खत्म हुआ, तब कई प्रदर्शनकारी सड़कों पर भूखे और बेसहारा रह गए, जबकि पार्टी के नेता जश्न में व्यस्त थे।
मेघनाद ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्होंने और कुछ अन्य लोगों ने अपने स्तर पर उन प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन और घर लौटने की व्यवस्था की, जो एक महीने से अधिक समय से आंदोलन में शामिल थे। उन्होंने कहा कि वीडियो देखने के बाद उन्हें गुस्सा आया, क्योंकि उसी समय कई छात्र और प्रदर्शनकारी मूलभूत जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे थे।
हालांकि, बढ़ती आलोचना के बीच सीजेपी ने अपने पक्ष का बचाव किया है। पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि यह वीडियो युवा पीढ़ी की अभिव्यक्ति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के विभिन्न स्वरूप हो सकते हैं और युवा अपनी शैली में विरोध दर्ज कराते हैं।
दास ने आगे स्पष्ट किया कि जिस कार्यक्रम को लेकर विवाद हो रहा है, वह वास्तव में आंदोलन में शामिल वॉलंटियर्स के साथ एक संवाद और सम्मान का अवसर था। उन्होंने कहा कि वीडियो का केवल एक हिस्सा सामने आया है, जबकि उससे पहले वॉलंटियर्स के साथ गंभीर चर्चा भी हुई थी। विवाद के बीच यह मुद्दा अब आंदोलन की शैली, जिम्मेदारी और जनसंवेदनशीलता पर व्यापक बहस का कारण बन गया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button