मार्केट में आया नया बाबा ‘वाइब्रेशन बाबा’,गुजरात के पंचमहाल जिले में लगता है वाइब्रेशन बाबा का दरबार

अहमदाबाद/एजेंसी। उत्तर प्रदेश के हाथरस में सूरज जाटव उर्फ भोले बाबा के सत्संग में भगदड़ की घटना के बाद तरह-तरह के बाबाओं को लेकर चर्चा हो रही है। इस सब के बीच सोशल मीडिया पर गुजरात में पंचमहाल जिले से आने वाले भरत माड़ी उर्फ वाइब्रेशन बाबा भी सुर्खियों में आ गए हैं। अपने कार्यक्रमों में जीभ निकालकर हिलने वाले भरत माड़ी के कार्यक्रमों में हजारों-लाखों की संख्या में भीड़ उमड़ती है। वे खौलते हुए तेल में हाथ डालते हैं और तेल अपने चेहरे पर लगा लेते हैं। कभी-कभी भरत माड़ी अपने भक्तों का इलाज भी इसी विधि से करते हैं। भरत माड़ी को मनाने वाले लोगों को कहना है कि उनमें कोई दैवीय शक्ति है। इससे उनका दुख और तकलीफ कम हो जाती है।
जो भी हो हाथरस की घटना के बाद पंचमहाल जिले में भरत माड़ी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर इन दिनों खूब वायरल हो रहा है। इसमें वह कई सौ किलो गुलाब के फूलों के ऊपर बैठकर हिल रहे हैं। उन्हें वाइब्रेशन बाबा का टैग दिया गया है। इस वीडियो में लाखों भक्तों की भीड़ भी मौजूद है। वह बाबा के जयकारे लगाए जा रही है। वीडियो में मौजूद भरत माड़ी खुद को मां अंबे का भक्त बताते हैं। इसी शक्ति के वह दुख-तकलीक को दूसर करने का दावा भी करते हैं। एक इंटरव्यू में भरत माड़ी ने इसका दावा भी किया है। वह गुजरात के आदिवासी इलाके में मोरवा हड़फ में अपना दरबार लगाते हैं। कई मौकों पर वह धार्मिक आयोजनों में भी अपनी उपस्थिति को दर्ज करवा चुके हैं। भरत माड़ी खौलते तेल में से हाथों से पूड़ियों को बाहर निकालते हैं। वह इसके लिए अंबाजी माता के कई पाटोत्सव में भी शिरकत कर चुके हैं।
वाइब्रेशन बाबा उर्फ भरत माड़ी का दावा है कि उनके शरीर में माता आती हैं। एक इंटरव्यू में भरत माड़ी ने खुलासा किया था कि अंबे माता तो उनके साथ ही हैं। भरत माड़ी खौलते हुए तेल से चमत्कार दिखाते हैं। बाबा को करंट वाली माता भी कहा जाता है। वह गुजरात के पंचमहाल और दूसरे पास के जिलों बड़े लोक गीतों और पटोत्सव में अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुके हैं। जहां पर बाबा का आशीर्वाद लेने के लिए नेता भी पहुंचते रहे हैं। वाइब्रेशन बाबा मंगलवार और रविवार को अपनी गद्दी पर बैठते हैं और इलाज करते हैं। भरत माड़ी कहते हैं एक बार उन्हें पानी गरम करने के हीटर से करंट लग गया था। तब बचने की कोई उम्मीद नहीं थी। डॉक्टरों ने भी जवाब दे दिया था, लेकिन भरत माड़ी का दावा है कि वह इसके बाद भी बच गए थे। भरत माड़ी का कहना है कि उन्हें माता आती हैं इसी के आधार पर वह इलाज करते हैं।
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