अंग्रेजों की कब्र तोड़ने के मामले में लोनी विधायक समेत 5 बरी, इंस्पेक्टर के खिलाफ जारी होगा नोटिस

गाजियाबाद। हरनंदी नदी के पास स्थित अंग्रेजों की कब्र तोड़ने के मामले में विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए रविशंकर गुप्ता की अदालत ने मंगलवार को लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर समेत पांच आरोपितों को बरी किया। झूठी गवाही देने के मामले में अदालत ने तत्कालीन चौकी इंचार्ज नंदग्राम व वर्तमान में यूपी पुलिस के इंस्पेक्टर जितेंद्र कालरा के खिलाफ वाद दर्ज कर नोटिस जारी करने के आदेश दिए हैं।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता पूर्व बार सचिव परविंदर नागर ने बताया कि इस मामले में अभियोजन की तरफ से छह लोगों की गवाही हुई। इसमें कुछ गवाह अपने बयान से मुकर गए थे। मामले के वादी तत्कालीन चौकी इंचार्ज जिन्होंने एफआइआर दर्ज कराई थी। गवाही के दौरान उन्होंने आरोपितों को न पहचानने की बात कही। इसी कारण अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए उनके खिलाफ वाद दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
21 सितंबर 2007 को नंदग्राम चौकी इंचार्ज जितेंद्र कालरा क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। आरोप था कि नंदकिशोर गुर्जर, यतेंद्र नागर, मुकेश, प्रदीप व प्रवीण कुमार 20-25 साथियों के साथ मिलकर हरनंदी नदी के पास स्थित अंग्रेजों की कब्र को तोड़ रहे थे। इन सभी को चौकी इंचार्ज ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन यह सभी उत्तेजित हो गए और कब्रों को तोड़ा। इस कारण लोक व्यवस्था प्रभावित हुई। मामले में उन्होंने सिहानी गेट थाने में उपरोक्त पांचों को नामजद व बाकी अज्ञात आरोपितों के खिलाफ बलवा करने व कब्र तोड़ने के आरोप में एफआइआर दर्ज कराई थी।




