चीफ जस्टिस बनकर बिहार के डीजीपी एसके सिंघल को फोन करने वाले अभिषेक को ईओयू ने लिया रिमांड पर

पटना,(बिहार)। गया के पूर्व एसएसपी आदित्य कुमार के ‘दोस्त’ अभिषेक अग्रवाल को आर्थिक अपराध इकाई ने रिमांड पर लिया है। ईओयू अब दो दिनों तक नटवरलाल अभिषेक अग्रवाल से पूछताछ करेगी। इधर, इओयू ने आईपीएस अधिकारी पर भी दबिश बढ़ा दी है। चीफ जस्टिस बनकर डीजीपी को फोन कर खुद की पैरवी करवाने के खुलासे के बाद गया के पूर्व एसएसपी आदित्य कुमार को नंबर एक आरोपी बनाया गया है। वहीं, बिहार सरकार ने आईपीएस अधिकारी आदित्य कुमार और पूर्णिया के एसपी दया शंकर को सस्पेंड कर दिया है। आदित्य कुमार पर बिहार के डीजीपी को फोन कॉल से दवाब डालने के मामले में साजिश रचने का आरोप है। जबकि पूर्णिया के एसपी दया शंकर पर आय से अधिक संपत्ति मामले में एसयूवी की रेड हुई थी। इस दौरान उनके आवास से नकदी समेत करोड़ों रुपये की संपत्ति मिली थी। इस बाबत गृह विभाग ने अधिसूचना भी जारी कर दी है। आईपीएस अधिकारी आदित्य कुमार को निलंबन अवधि में मुख्यालय से अटैच किया गया है।

जज बनकर डीजीपी को किया था फोन
जानकारी के मुताबिक, अभिषेक अग्रवाल के पास से नौ मोबाइल सिम और दर्जनों मोबाइल मिला है। मोबाइल की फॉरेंसिक में आरोप सही पाए गए। बताया जा रहा है कि सख्ती से पूछताछ में भी आरोपी अभिषेक ने अपना जुर्म कबूल किया है। उसने कहा कि गया के तत्कालीन एसएसपी आदित्य कुमार को बचाने के लिए डीजीपी को जज बनकर फोन किया था। जिस आईपीएस अफसर को बचाने के लिए इसने फोन किया था उसे 24 घंटे में ही क्लीनचिट मिल गई थी। आईपीएस आदित्य कुमार के खिलाफ शराब के एक मामले में केस दर्ज हुआ था। उन पर भूमाफिया से सांठगांठ के भी आरोप थे। मगर अभिषेक से पूछताछ में जो बातें निकल कर सामने आई, उस आधार पर आदित्य कुमार के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है और आरोपी नंबर एक बनाया गया।

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