23 मई को कौशाम्बी पहुंचेंगे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, गौ प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध का करेंगे शंखनाद

सचिन पांडेय,कौशाम्बी/उत्तर प्रदेश। गविष्ठी गौरक्षार्थ यात्रा के तहत 23 मई को ज्योर्तिमठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती कौशाम्बी जिले के दौरे पर आएंगे। इस दौरान वह जिले की तीनों विधानसभा क्षेत्रों में गौ प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध का शंखनाद करेंगे और लोगों को इसके प्रति जागरूक करेंगे।
गविष्ठी गौरक्षार्थ यात्रा के जिला प्रभारी सचिन द्विवेदी ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि गौ प्रतिष्ठा आंदोलन के अंतर्गत धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज द्वारा वर्ष 1966 में किए गए गौरक्षार्थ धर्मयुद्ध आंदोलन को पुनर्जीवित किया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ में महायज्ञ कर 2 करोड़ 78 लाख आहुतियां दी गईं, जबकि महाराष्ट्र में आयोजित गौ प्रतिष्ठा महायज्ञ में 3 करोड़ 68 लाख आहुतियां अर्पित की गईं।
उन्होंने कहा कि इस आंदोलन के तहत पूरे देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में गौ ध्वज की स्थापना की गई है। उन्होंने आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि कुछ लोग यह कह रहे हैं कि सरकार से संवाद नहीं किया गया, जबकि उनके प्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों, राज्यपालों और विभिन्न राजनीतिक दलों के राष्ट्रीय अध्यक्षों को आमंत्रित किया था, लेकिन किसी ने सहभागिता नहीं की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 17 मार्च 2025 को लखनऊ के रामलीला मैदान में प्रस्तावित सभा पर रोक लगाकर उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया गया।
सचिन द्विवेदी ने कहा कि अब संगठन उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि यदि संगठन चाहे तो सरकार बना भी सकता है और बदल भी सकता है। इस अवसर पर राजवीर मौर्य, सचिन पांडे, श्रवण केसरवानी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।



