नोएडा पुलिस ने चीनी नागरिकों को किया गिरफ्तार,फतेहपुर से सिम मंगाकर करते थे ठगी का धंधा

नोएडा ब्यूरो। चिट फंड कंपनी बनाकर वीडियो लाइक कराने के नाम पर भारतीय नागरिकों से करोड़ों की ठगी करने वाले चीन के दो नागरिकों को एसटीएफ व नालेज पार्क कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपित पूर्व में पकड़े गए जालसाज व हवाला कारोबार से जुड़े रविकुमार नटवरलाल के साथी है। चीन के दोनों नागरिकों की पहचान फेंग चेनजिन व यूआंग कुआन के रूप में हुई है। आरोपित ग्रेटर नोएडा में बैठकर भारतीय नागरिकों को प्रलोभन देकर उन्हें वीडियो लाइक करने के नाम पर करोड़पति बनने का सपना दिखाते थे। अलग-अलग किस्तों में लोगों से खाते में रकम मंगाते थे। पिछले चार साल से आरोपित यह ठगी का धंधा संचालित कर रहे थे। ठगी करने के लिए आनलाइन गूरो एप का प्रयोग किया जाता था।

ठगी करने वाले दोनों चीनी नागरिक फेंग चेनजिन व यूआंग कुआन उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से एक्टिवेट सिम मंगाते थे। यह सिम उनको फतेहपुर का ही रहने वाले विधुर तिवारी सप्लाई करता था। सिम का प्रयोग ठगी के धंधे में किया जाता था। विधुर प्रत्येक सिम के बदले तीन हजार रुपये चीन के नागरिकों से लेता था। वह फतेहपुर में सिम बेचने का स्टाल गांव-गांव में लगाता है। एसटीएफ की जांच में यह भी पता चला है कि दोनों आरोपितों ने पिछले एक साल में तीन अलग-अलग खातों में 102 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए थे।

यह रकम ठगी के माध्यम से अर्जित की गई थी, जो कि हवाला के माध्यम से विदेश भेजी गई। एसटीएफ को इस गिरोह का पर्दाफाश करने की राह हैदराबाद में पकड़ी गई युवती ली होनजन ने दिखाई। उसको हैदराबाद की साइबर सेल ने ऐसे की ठगी के मामले में पकड़ा था। हैदराबाद पुलिस से मिली खास सूचना के आधार पर एसटीएफ ने यह कार्रवाई की है।पकड़े गए दोनों आरोपितों की दो महिला मित्र है, जो कि इन दिनों नेपाल में रहकर यही ठगी का धंधा कर रही है। आरोपितों ने ग्रेटर नोएडा के नालेज पार्क स्थित होटल में ठिकाना बना रखा था। एक दिन का किराया दस हजार रुपये थे। आरोपित पिछले एक साल से ज्यादा से यह किराया दे रहे है। हालांकि समय-समय पर होटल बदल देते थे, लेकिन हमेशा महंगे होटल में ही कमरा किराए पर लेते थे, जिससे कि किसी को कोई शक न हो।

लंबे समय से होटल में रहने के बाद भी चीन के नागरिक कभी फोन पर आर्डर खाना नहीं करते थे। वह हमेशा नीचे रेस्टोरेंट पर जाकर खाना खाते थे, जिससे कि कोई वेटर या कर्मचारी कमरे में आकर यह न देख सके कि चीन के नागरिकों के कमरे में इतने ज्यादा सिम व अन्य इलेक्ट्रानिक डिवाइस मौजूद है।

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