भगवान राम की बड़ी बहन माता शांता की ओर से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत शीर्ष नेतृत्व को भेजी जाएगी विशेष राखी

रक्षाबंधन के पावन पर्व पर भगवान श्रीराम की बड़ी बहन माता शांता की तरफ से देश के शीर्ष नेतृत्व को राखी भेजी जा रही है। बता दें कि श्रृंगी ऋषि सेवा संस्थान द्वारा यह परंपरा वर्षों से निभाई जा रही है।

अयोध्या/उत्तर प्रदेश। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की बड़ी बहन माता शांता की ओर से देश के शीर्ष नेतृत्व समेत विशिष्ट जनों को विशेष राखियां भेजी जा रही हैं। श्रृंगी ऋषि सेवा संस्थान के अध्यक्ष सुभाष सिंह के संयोजन में वर्षों से चली आ रही इस परंपरा के तहत इस बार भी राखियां तैयार कर भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
साकेत भवन के महंत सीताराम दास महाराज ने वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ सभी राखियों को अभिमंत्रित किया। आयोजकों के अनुसार, इस बार तैयार की गई विशेष राखियां बाजार से खरीदी गई सामग्री से नहीं, बल्कि केले के तने के प्राकृतिक रेशों से हाथों से बनाई गई हैं। आयोजकों ने इसे भारतीय संस्कृति, प्राकृतिक जीवनशैली और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा प्रतीक बताया है।
श्रृंगी ऋषि सेवा संस्थान के अनुसार, माता शांता की ओर से भेजी जा रही राखियां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित अन्य विशिष्ट जनों को भेजी जाएंगी।
आयोजकों ने बताया कि रक्षा सूत्र तैयार करने में केले के तने से प्राप्त प्राकृतिक रेशे का इस्तेमाल किया गया है। इन्हें कारीगरों द्वारा हाथ से तैयार किया गया है। आयोजकों का कहना है कि प्राकृतिक रेशे से तैयार यह राखी भारतीय परंपरा में शुद्धता के साथ पर्यावरण संरक्षण के संदेश को भी सामने रखती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता शांता राजा दशरथ की पुत्री और भगवान श्रीराम की बड़ी बहन थीं। उनका विवाह महान ऋषि श्रृंगी ऋषि के साथ हुआ था। इसी धार्मिक परंपरा और भाई-बहन के स्नेह की स्मृति को आगे बढ़ाते हुए माता शांता की ओर से रक्षाबंधन पर विशेष रक्षा सूत्र भेजने की परंपरा निभाई जा रही है।
आयोजकों के अनुसार, रामलला के दरबार में भगवान श्रीराम को भी माता शांता की ओर से इसी विशेष रक्षा सूत्र को अर्पित किया जाएगा। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अभिमंत्रित इन राखियों को देश के विभिन्न विशिष्ट व्यक्तियों तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।
आयोजकों का कहना है कि इस पहल के माध्यम से अयोध्या की धार्मिक परंपरा, भाई-बहन के प्रेम और भारतीय संस्कृति के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देशभर में पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

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