दिल्ली के जामिया नगर पुलिस को मिट्टी से लग रहा है डर, एक अफसर के ‘सर्वे’ से थाने में दहशत

नई दिल्ली। दक्षिण-पूर्व जिले के जामिया नगर थाने में तैनात पुलिस अधिकारियों व कर्मियों को इन दिनों आपराधिक वारदातों व बदमाशों से नहीं बल्कि मिट्टी से डर लग रहा है। आलम ये है कि पुलिसकर्मी दिनभर सफाई करने में लगते रहते हैं और टेबल को 4-4 बार साफ करते हैं, ताकि मिट्टी न दिखाई दे जाए। दक्षिणी रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त एसके जैन की वजह से थाने में तैनात पुलिसकर्मियों को ये डर लगने लगा है। दूसरी तरफ हाल ही में रेंज की कमान संभालने वाले संयुक्त पुलिस आयुक्त एसके जैन हर थाने, सब-डिवीजन व जिले में जाकर हर काम को खुद को चैक कर रहे हैं।
दक्षिण-पूर्व जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जामिया नगर पुलिस स्टेशन में कुछ दिन पहले दक्षिणी रेंज (ये जिला भी इस रेंज में आता है) के संयुक्त पुलिस आयुक्त एसके सिंह दौरा करने गए। उन्होंने थाने के अंदर निरीक्षण किया तो थाने के अंदर पुराने वाली कबाड़ के रूप में पड़े मिले। इसके अलावा कई जगह पर गंदगी थी। जब उन्होंने थाने में मौजूद कमरों को निरीक्षण किया तो हर कमरे में व वहां रखी टेबल-कुर्सी पर काफी मिट्टी मिली। संयुक्त पुलिस आयुक्त ने थानाध्यक्ष नरपाल सिंह से ही बहुत ही प्यारे व सभ्य तरीके से मिट्टी को साफ करवाने को कहा। थानाध्यक्ष इस बात से खुश थे कि गंदगी मिलने से संयुक्त पुलिस आयुक्त ने कुछ नहीं कहा।
जिले के पुलिस अधिकारी ने बताया कि संयुक्त पुलिस आयुक्त ने थाने के दौरे के समय तो कुछ नहीं कहा। जब वह अपने कार्यालय पहुंच गए तो उन्होंने वहां से थानाध्यक्ष नरपात सिंह को शो कॉज नोटिस(कारण बताई नोटिस) भेज दिया। नोटिस मिलने से थाने में दहशत फैल गई। इसके बाद चाहे इंस्पेक्टर हो या उससे नीचे का पुलिस अधिकारी सभी अपने कमरे व टेबल की सफाई करते रहते हैं। ये पुलिसकर्मी सफाई करते हुए आसानी से दिख जाते है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार जामिया नगर थाने के पास से मुंबई एक्सप्रेस वे बन रहा है। इस कारण इलाके में काफी मात्रा में मिट्टी उड़ती रहती है। अमर उजाला संवाददाता ने देखा कि थाने की दीवारों पर भी मिट्टी की परत चढ़ी हुई थी थाने में कमरे बंद रहने पर भी उनके अंदर मिट्टी जा रही थी।
रेंज के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संयुक्त पुलिस आयुक्त एसके जैन हर काम खुद कर रहे हैं। वह थाने में जाकर थानाध्यक्ष, सब डिवीजन में एसीपी और जिले में पुलिस उपायुक्त बनकर हर केस, शिकायत, कोल्ड केस, पेंडेंसी आदि खुद ही देख रहे हैं। बताया जा रहा है कि वह हर रोज कहीं न कहीं जाकर चेकिंग कर रहे है।




